किसानों की मांगों पर केंद्र सरकार को ‘अहंकार और हठ’ त्याग देना चाहिए: गोपाल राय

किसानों की मांगों पर केंद्र सरकार को 'अहंकार और हठ' त्याग देना चाहिए: गोपाल राय

किसानों की मांगों पर केंद्र सरकार को ‘अहंकार और हठ’ त्याग देना चाहिए: गोपाल राय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: December 16, 2020 11:29 am IST

नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर किसान कड़ाके की ठंड में प्रदर्शन कर रहे हैं और ऐसे में केंद्र सरकार को अपना ‘अहंकार’ और ‘हठ’ त्याग देना चाहिए।

आम आदमी पार्टी (आप) की दिल्ली इकाई के संयोजक राय ने कहा कि अरविंद केजरीवाल नीत सरकार और उनकी पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और प्रदर्शन के दौरान उनके लिए कुछ व्यवस्थाएं भी कर रही है।

सिंघू बॉर्डर पर जाने के बाद राय ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने किसानों के लिए लंगर सेवा, पानी और शौचालय की व्यवस्था की है। करीब तीन सप्ताह से हजारों की संख्या में किसान यहां मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे स्वयंसेवक, विधायक और पार्षद भी सेवा दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी और उसकी सरकारी पूरी तरह से किसानों का समर्थन करती है।’’

उन्होने कहा कि किसान केंद्र सरकार की ओर से पारित नए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और अपने प्रदर्शन के दौरान कठिनाइयों और कड़ाके की सर्दी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान इस देश को खिलाता है और ऐसे में यह प्रदर्शन ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘ किसान यहां पिछले 20 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र सरकार को अपना अहंकार और हठ त्याग करके उनकी मांगे स्वीकार कर लेनी चाहिए।’’

राय ने कहा कि केंद्र सरकार अगर किसानों को रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की इजाजत दे देती तो इस गतिरोध और सड़क जाम से बचा जा सकता था।

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार को आज नहीं तो कल किसानों की मांगें स्वीकारनी ही होगी। मोदी सरकार को देश बर्बाद करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।’’

भाषा स्नेहा माधव

माधव


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