‘राइट टू हेल्थ’ को संविधान के मूल अधिकारों में शामिल करे केंद्र सरकार : गहलोत

'राइट टू हेल्थ' को संविधान के मूल अधिकारों में शामिल करे केंद्र सरकार : गहलोत

‘राइट टू हेल्थ’ को संविधान के मूल अधिकारों में शामिल करे केंद्र सरकार : गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: August 24, 2021 2:54 pm IST

जयपुर, 24 अगस्त (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशेाक गहलोत ने मंगलवार को केंद्र सरकार से मांग की कि वह ‘राइट टू हेल्थ’ को संविधान के मूल अधिकारों में शामिल करे।

गहलोत ने कहा कि राजस्थान सरकार ने ‘राइट टू हेल्थ’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए पहले चिकित्सा क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं ।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘भारत सरकार को अब ‘राइट टू हेल्थ’ को संविधान के मूल अधिकारों में शामिल करना चाहिए एवं सभी नागरिकों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना चाहिए।’

गहलोत के अनुसार राजस्थान सरकार ने ‘राइट टू हेल्थ’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए पहले चिकित्सा क्षेत्र में बड़े बदलाव किए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना एवं मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से पूरे राज्य में ओपीडी व आईपीडी का सम्पूर्ण इलाज मुफ्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि राजस्थान का कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में कष्ट ना पाए।

भाषा पृथ्वी पृथ्वी रंजन

रंजन


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