केंद्रीय मंत्री बिट्टू अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष पेश हुए, ‘जातिसूचक’ टिप्पणी के लिए माफी मांगी

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केंद्रीय मंत्री बिट्टू अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष पेश हुए, ‘जातिसूचक’ टिप्पणी के लिए माफी मांगी

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 07:18 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 07:18 PM IST

चंडीगढ़, 24 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष पेश हुए और मई में पुलिस अधिकारियों के साथ हुई तीखी बहस के दौरान की गई अपनी कथित जातिसूचक टिप्पणियों के लिए माफीनामा सौंपा।

बिट्टू ने पूर्व में, अपनी ‘‘जातिसूचक’’ टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।

आयोग ने मंत्री से कहा था कि वह मामले में अपना पक्ष रखने के लिए उसके समक्ष पेश हों। बिट्टू इससे पहले दो बार आयोग के समक्ष पेश नहीं हो सके थे।

बुधवार को आयोग के समक्ष पेश होने के दौरान, बिट्टू ने 26 मई को धुरी में हुई घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि एक मंत्री होने के नाते उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।

उन्होंने आयोग को बताया कि अपनी टिप्पणी के लिए वह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं।

बिट्टू ने कहा कि वह अनुसूचित जाति समुदाय का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और गैर इरादतन कहे गए शब्दों को लेकर गहरा खेद व्यक्त करते हैं।

आयोग को सौंपे गए अपने माफीनामे में मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने जिन शब्दों का उपयोग किया, कानूनन वे गलत थे।

सुनवाई के दौरान, बिट्टू ने अनुसूचित जाति समुदाय के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहल का भी जिक्र किया और बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के दौरान सरकार ने डॉ भीम राव आंबेडकर से जुड़ी पांच अहम जगहों को तीर्थ स्थल का दर्जा दिया।

कार्यवाही के दौरान, आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने बिट्टू से कहा कि उन्हें मंत्री की टिप्पणी के संबंध में लोगों के कई फोन आए थे।

माफीनामा स्वीकार करते हुए, आयोग ने केंद्रीय मंत्री को चार धार्मिक स्थलों – फिल्लौर में डेरा बाबा ब्रह्मदास, जालंधर में गुरु रविदास महाराज से जुड़े डेरा सचखंड बल्लान, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल और अमृतसर में श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने का आदेश दिया।

आयोग ने उन सोशल मीडिया का संज्ञान लिया था जिनमें आरोप लगाया गया था कि बिट्टू ने धुरी के दौरे पर ‘‘जातिसूचक’’ शब्दों का इस्तेमाल किया था।

धुरी में 26 मई को बिट्टू की कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई थी। वह भाजपा नेता ओंकार सिंह की रिहाई की मांग कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने नगर निकाय चुनावों के दौरान हिरासत में लिया था। प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद, कथित तौर पर प्रचार करने को लेकर सिंह को हिरासत में लिया गया था।

मंत्री पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।

भाषा सुभाष माधव

माधव