त्रिशूर (केरलम), 17 सितंबर (भाषा) केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एक निजी समाचार चैनल के कोच्चि कार्यालय पर हाल ही में हुई पुलिस छापेमारी का बृहस्पतिवार को बचाव करते हुए कहा कि मीडिया संगठनों और पत्रकारों को आम करदाताओं की तुलना में कोई विशेष छूट या विशेषाधिकार प्राप्त नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम को केरलम लाने के एक कार्यक्रम के विफल होने से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार को चैनल के समाचार कक्षों और प्रशासनिक कार्यालयों सहित कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली।
छापेमारी के दायरे और व्यक्तिगत उपकरणों की जब्ती को लेकर मीडिया के एक वर्ग के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए गोपी ने इस दावे को खारिज कर दिया कि जांच एजेंसियों को मीडिया परिसरों का निरीक्षण करते समय क्षेत्रीय सीमाओं का पालन करना चाहिए या नरमी बरतनी चाहिए।
गोपी ने मीडियाकर्मियों को आम नागरिकों के समान बताया और वैध जांच के दौरान किसी भी तरह की नरमी बरते जाने पर सवाल उठाया।
गोपी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, ‘‘तुम कौन हो? अब सीना तानकर मैं पूछता हूं आखिर तुम सब हो कौन? तुम भी नागरिक ही हो। बस इतनी सी बात है।’’
गोपी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गिरफ्तारी और उन्हें एक घर से बाहर ले जाने की तस्वीरें मौजूद हैं।
उन्होंने पूछा, ‘‘क्या आपने ऐसी तस्वीरें देखी हैं? या क्या मुझे उन्हें अब आपको दिखाना चाहिए?’’
उन्होंने कहा कि जब कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रमुख कारोबारियों के परिसरों में घुसती हैं, तो वे व्यापक रूप से तलाशी लेती हैं।
भाषा गोला नरेश
नरेश