केंद्रीय मंत्री शेखावत ने ‘जी राम जी’ की आलोचना को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने ‘जी राम जी’ की आलोचना को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा
जोधपुर, 11 जनवरी (भाषा) केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी ‘वीबी-जी राम जी’ का विरोध करने के लिए विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए रविवार को आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दशकों के भ्रष्टाचार ने ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम मनरेगा को खोखला बना दिया था।
शेखावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने वर्षों तक मनरेगा को भ्रष्टाचार का जरिया बनाया। उन्होंने दावा किया कि नयी योजना से बिचौलियों का अंत होगा।
कांग्रेस ने संप्रग काल के ग्रामीण रोजगार कानून को निरस्त करने के विरोध में शनिवार को 45-दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘‘मनरेगा बचाओ संग्राम’’ शुरू किया और हर जिले में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया।
शेखावत ने जोधपुर के सर्किट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पारदर्शिता आधारित जो सुधार लाए गए हैं, उनसे पहले की व्यवस्था से लाभान्वित होने वाले लोग परेशान हैं।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के विरोधाभासी रुख की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी अपनी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस योजना की विफलताओं को स्वीकार किया था।
उन्होंने याद दिलाया कि शरद पवार ने जब एक दशक तक केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में कार्य किया, तब उन्होंने संसद और सार्वजनिक मंचों पर कई बार चिंता व्यक्त की थी कि मनरेगा कृषि क्षेत्र के लिए एक बाधा बन गया है और उन्होंने सुधारात्मक उपायों की मांग की थी।
शेखावत ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश का भी हवाला दिया और कहा कि रमेश ने लोकसभा में स्वीकार किया था कि मनरेगा केवल गड्ढे खोदने और भरने तक सीमित रह गया है, जिससे कोई वास्तविक संपत्ति सृजन नहीं हो रहा है।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए शेखावत ने कहा कि जब 14वें वित्त आयोग ने राज्यों का हिस्सा (केंद्रीय करों में) 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया, तो वह स्वयं उस मांग में भागीदार थे।
शेखावत ने आरोप लगाया कि राज्यों को दिया गया अतिरिक्त हिस्सा ग्रामीण विकास के लिए था, लेकिन गहलोत सरकार ने उस धनराशि को तुष्टीकरण की राजनीति और मुफ्तखोरी की संस्कृति के लिए उपयोग किया।
केंद्रीय मंत्री ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने कई मौकों पर मनरेगा में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए थे और स्वीकार किया था कि यह योजना कई राज्यों में लूट का जरिया बन गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज जब हम ‘वीबी-जी राम जी’ के माध्यम से प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता ला रहे हैं, तो वे इसमें कमियों का दावा कर रहे हैं।’’
भाषा अविनाश सुरेश
सुरेश

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