प्रयागराज, 17 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने औरैया जिले के डिबियापुर स्थित नाहर बाजार में 48 मकानों और दुकानों को ध्वस्त करने के लिए प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ ने राज्य सरकार के अधिकारियों को विवादित संपत्तियों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने तथा इस बीच जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 29 अप्रैल तय की है।
याचिकाकर्ता सुमन देवी ने 15 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया था।
याचिकाकर्ता ने कहा था कि 16 अप्रैल को सुबह छह बजे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का खतरा है।
याचिका में 30 सितंबर, 2025 के आदेश की वैधता पर सवाल उठाते हुए प्रतिवादी अधिकारियों से यह अनुरोध किया गया कि याचिकाकर्ताओं को उनके मकानों और दुकानों से बेदखल करने से रोका जाए।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि सभी संबंधित सामग्री प्रस्तुत किए जाने के बावजूद उक्त आदेश पारित करते समय उन पर विचार नहीं किया गया।
वकील ने अदालत में कहा कि अगर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो याचिकाकर्ताओं को अपूरणीय क्षति होगी, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।
वहीं, राज्य सरकार के वकील ने राहत का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को पर्याप्त अवसर दिया गया था और कई नोटिसों के बावजूद वे कार्रवाई में नहीं आए इसलिए अधिकारियों के पास आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा, “तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए अदालत ने पाया कि राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करना चाहिए। अदालत अगली सुनवाई 29 अप्रैल 2026 को करेगी।”
भाषा सं राजेंद्र जितेंद्र
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