यूपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा के बाद अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करेगा : सरकार

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यूपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा के बाद अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करेगा : सरकार

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 05:26 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 05:26 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सरकार ने सोमवार को बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने के बाद अपनी वेबसाइट पर अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) आदि के लिए अधिकारियों के चयन हेतु प्रतिवर्ष तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार – में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है।

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न में लिखित उत्तर में उच्च सदन को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के अनुपालन में, यूपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने के बाद अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।

सिंह ने कहा कि यह प्रक्रिया, जो 2026 की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा से लागू होगी, यूपीएससी द्वारा आयोजित सभी संरचित परीक्षाओं पर लागू होगी।

मंत्री ने कहा, “प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही जारी किए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विषयों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए, यूपीएससी अंतर-विषय मॉडरेशन लागू करता है ताकि किसी भी उम्मीदवार को, चाहे उसने कोई भी वैकल्पिक विषय चुना हो, किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।

सिंह ने कहा कि पारंपरिक/वर्णनात्मक उत्तर पुस्तिकाओं के मॉडरेशन/मूल्यांकन में शामिल प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी यूपीएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

मंत्री से वैकल्पिक विषयों तथा सिविल सेवा एप्टीट्यूट टेस्ट (सीएसएटी) में आने वाली समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रक्रिया का मानकीकरण किए जाने के बारे में प्रश्न किया गया था।

उन्होंने कहा, “सीएसएटी एक योग्यता परीक्षा है जिसका उद्देश्य गुणवत्ता और विश्लेषणात्मक क्षमता का न्यूनतम मानक सुनिश्चित करना है। प्रश्नों का स्तर मैट्रिक स्तर के अनुरूप है।”

सिंह ने बताया कि तथ्यात्मक त्रुटियों को चुनौती देने के लिए, यूपीएससी के पास ‘प्रश्न पत्र प्रतिनिधित्व पोर्टल’ (क्यूपीआरईपी) नामक एक समर्पित मंच है, जो इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि 2026 से आगे, उम्मीदवार इस पोर्टल के माध्यम से प्रश्न पत्र और अस्थायी उत्तर कुंजी में विसंगतियों को उजागर करते हुए अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि यूपीएससी केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) और ईमेल के माध्यम से उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों का भी निपटारा करता है।

सीपीग्राम नागरिकों को सरकारी विभागों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करने की सुविधा देता है।

भाषा माधव मनीषा

मनीषा

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