चेन्नई, 17 जुलाई (भाषा) जंजीबार के राष्ट्रपति हुसैन अली म्विनी ने शुक्रवार को कहा कि प्रौद्योगिकी की सफलता का वास्तविक पैमाना उसकी जटिलता में नहीं, बल्कि इस बात में है कि वह मानव जीवन को कितना बेहतर बनाती है।
वह यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के 63वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस साल स्नातक की उपाधि हासिल करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति म्विनी ने कहा, ‘नवाचार अपनी सर्वोच्च अवस्था में तब नहीं होता जब वह हमें चकित करता है, बल्कि तब होता है जब वह मानव जीवन की गरिमा को बेहतर बनाता है।’
उन्होंने छात्रों से वैज्ञानिक प्रगति का इस्तेमाल मानव गरिमा को बढ़ाने के लिए करने का आह्वान किया।
म्विनी ने कहा, ‘आपकी सफलता का वास्तविक माप यह नहीं होगा कि आपने जो बनाया है वह कितना जटिल है, बल्कि यह होगा कि आपके काम से दूसरों के जीवन में कितना बदलाव आया।’
भारत के विकास का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने दुनिया के सामने शिक्षा और नवाचार में बदलाव लाने वाली शक्ति को लगातार प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा, ‘जब कोई राष्ट्र ज्ञान में निवेश करता है, तो वह अपने भविष्य में निवेश करता है।’ उन्होंने कहा कि बड़े शैक्षणिक संस्थान केवल छात्रों को शिक्षित नहीं करते, बल्कि वे समाज को आकार देते हैं, अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करते हैं और पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं।
भाषा शुभम अविनाश
अविनाश