उप्र : लोन दिलाने का झांसा देकर बैंक खातों पर कब्जा, साइबर ठग गिरोह के 13 सदस्य गिरफ्तार

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उप्र : लोन दिलाने का झांसा देकर बैंक खातों पर कब्जा, साइबर ठग गिरोह के 13 सदस्य गिरफ्तार

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 11:27 AM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 11:27 AM IST

बहराइच (उप्र), 13 जुलाई (भाषा) बहराइच जिले में लोगों को ऋण दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खातों और बैंकिंग साधनों पर नियंत्रण हासिल करने तथा साइबर ठगी से अर्जित धन के लेन-देन में उन खातों का इस्तेमाल करने वाले गिरोह के 13 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि जिले में पिछले चार दिनों के दौरान साइबर अपराध के चार मामले दर्ज किए गए हैं और अलग-अलग कार्रवाई कर कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी बहराइच जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।

एसपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी आम लोगों को आसान ऋण उपलब्ध कराने का लालच देकर उनका विश्वास हासिल करते थे। इसके बाद वे उनसे एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक और बैंक खातों से जुड़ी अन्य गोपनीय जानकारियां ले लेते थे।

उन्होंने बताया कि इन बैंक खातों और बैंकिंग साधनों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम को स्थानांतरित करने, निकालने और अन्य संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में किया जाता था।

श्रीवास्तव ने बताया कि दरगाह शरीफ क्षेत्र के निवासी उपेंद्र सिंह और मोतीपुर थाना क्षेत्र के सहाबुद्दीन की ओर से 12 जुलाई को दर्ज कराए गए दो मामलों में साइबर सेल की मदद से पुलिस ने उसी दिन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनू मौर्या, साहिल बेग, फहीम, सौरभ मिश्र, नूर अहमद, मोहम्मद आमिर, शकील अहमद और संतोष सिंह के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि इससे पहले 9 और 10 जुलाई को शिवराम शुक्ल तथा अनुपम पांडे की शिकायत पर कोतवाली देहात और कोतवाली नगर में दर्ज मामलों में पुलिस ने 11 जुलाई की शाम पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान आशीष कश्यप, निहाल शर्मा, रवि कुमार, शम्भू सोनी और अर्जुन सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों पर पीड़ितों को शिकायत करने से रोकने के लिए उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य वित्तीय अभिलेखों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, लाभार्थी बैंक खातों, साइबर नेटवर्क और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं. जफर मनीषा

मनीषा