उप्र: दोहरे हत्याकांड के मामले में मृत्युदंड पाने वाले चार आरोपी बरी

उप्र: दोहरे हत्याकांड के मामले में मृत्युदंड पाने वाले चार आरोपी बरी

उप्र: दोहरे हत्याकांड के मामले में मृत्युदंड पाने वाले चार आरोपी बरी
Modified Date: September 29, 2026 / 12:10 am IST
Published Date: September 29, 2026 12:10 am IST

प्रयागराज, 28 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश के बदायूं में दो लोगों की हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा पाए चार लोगों को बरी कर दिया।

न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने विजय पाल, रामवीर, किशन लाल और उसकी पत्नी जलधारा की अपील स्वीकार करते हुए मृत्युदंड की सजा रद्द कर दी।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा। अदालत ने आठ सितंबर को दिये आदेश में निर्देश दिया कि अगर ये आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

आदेश सोमवार को उपलब्ध कराया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, बदायूं की अदालत ने 17 सितंबर, 2022 को चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था और पांच दिन बाद उन्हें मृत्युदंड व सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि गोविंद और आशा की 14 मई, 2017 को हत्या कर दी गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोविंद के शव पर छह और आशा के शव पर चोट के तीन निशान पाए गए थे।

दोनों की मौत चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण होने की बात सामने आई थी।

गोविंद के पिता पप्पू की शिकायत पर बदायूं के वजीरगंज थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 147, 148 और 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

भाषा सं राजेंद्र जितेंद्र

जितेंद्र


लेखक के बारे में