उत्तराखंड: गुरुद्वारे में निहंगों के बवाल के बीच प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया
उत्तराखंड: गुरुद्वारे में निहंगों के बवाल के बीच प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया
(तस्वीरों के साथ)
रुद्रप्रयाग, 21 जून (भाषा) उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में निहंग सिख श्रद्धालुओं द्वारा किए गए बवाल की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने रविवार को कहा कि वहां स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने एक बयान में कहा, ‘‘गुरुद्वारे के अंदर आपसी विवाद हुआ था। वहां शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी से उपस्थित हैं। किसी प्रकार का कोई व्यवधान नहीं है, सब कुछ शांतिपूर्वक चल रहा है।’’
उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब की यात्रा शांतिपूर्वक चल रही है और गुरुद्वारे के अंदर भी सभी प्रकार की अरदास, लंगर और यात्रियों की आवाजाही शांतिपूर्वक है।
मिश्रा ने लोगों से इस संबंध में किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की।
बयान में हालांकि, शनिवार शाम को एक सिख श्रद्धालु को बंधक बनाते हुए गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर कब्जा करने वाले करीब आधा दर्जन निहंगों के साथ किसी समाधान के बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
इस बीच, मौके पर मौजूद पुलिस सूत्रों ने बताया कि बातचीत में निहंग बंधक बनाए गए सिख श्रद्धालु को छोड़ने पर सहमत हो गए हैं।
निहंग श्रद्धालु 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में एक घटना के बाद गिरफ्तार किये गये निहंगों को छोड़े जाने की मांग को लेकर गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़े हुए हैं और उन्होंने एक बुजुर्ग सिख श्रद्धालु को बंधक भी बना लिया था। पुलिस के मुताबिक, निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे शस्त्र हैं।
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा निहंगों से बात कर उन्हें नीचे आने के लिए मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और रुद्रप्रयाग जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही हालात नियंत्रित करने के लिए गढ़वाल आयुक्त भी रुद्रप्रयाग पहुंच गए हैं।
गौरतलब है कि निहंग सिखों का कर्णप्रयाग बाजार में वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था जिसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया।
घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया गया था।
बदरीनाथ राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच नगरासू में कुछ साल पहले इस गुरुद्वारे को बनाया गया था जिसका इस्तेमाल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने-जाने वाले सिख तीर्थयात्री करते हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे को बनाने वाले सरदार सुखदेव सिंह और सरदार बेअंत सिंह इसकी व्यवस्था का जिम्मा भी संभालते हैं।
घटना के संबंध में बेअंत सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि पंजाब के मोहाली से ये निहंग शनिवार शाम करीब चार बजे गुरुद्वारे पहुंचे और कर्णप्रयाग में हुई घटना के विरोध में प्रदर्शन के लिए सिख प्रदर्शनकारियों के ठहरने के लिए 50-60 कमरों की व्यवस्था करने को कहा।
उन्होंने बताया कि इसमें असर्मथता व्यक्त किए जाने पर निहंगों ने मारपीट और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में वे उपर चढ़ गए और तीसरी मंजिल के प्रवेश द्वार को बंद कर उस पर कब्जा कर लिया।
सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने साथ एक सिख तीर्थयात्री को भी बंधक बना रखा है और किसी भी तरह की बलपूर्वक कार्यवाही किए जाने पर वे अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वे कर्णप्रयाग घटना में गिरफ्तार किए गए निहंग सिखों को छोड़ने तथा दूसरे पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भाषा सं दीप्ति शफीक
शफीक
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