उत्तराखंड: कांग्रेस ने फर्जी आपत्तियों से मतदाताओं के नाम हटाने का लगाया आरोप, सीईओ से की मुलाकात

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उत्तराखंड: कांग्रेस ने फर्जी आपत्तियों से मतदाताओं के नाम हटाने का लगाया आरोप, सीईओ से की मुलाकात

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  • Publish Date - August 21, 2026 / 09:29 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 09:29 PM IST

देहरादून, 21 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बीवीआरसी पुरुषोत्तम से मुलाकात कर प्रदेश में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित रूप से फर्जी आपत्तियों से वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।

इस मौके पर पूर्व विधायक मनोज रावत के नेतृत्व में गए पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात एवं बाहरी ताकतों द्वारा थोक फर्जी फॉर्म-सात जमा कराकर मूल निवासियों, वैध मतदाताओं और यहां तक कि वर्तमान विधायकों के नाम भी मतदाता सूची से गायब कराए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी की जमीनी जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आपत्तियां उन लोगों के नाम से दर्ज की गईं, जिन्होंने कोई शिकायत ही नहीं दी थी।

रावत ने यह भी आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम पांच आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं, लेकिन एक ही नाम या पहचान पत्र से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराए जाने के मामले भी सामने आए हैं। कांग्रेस ने ऐसे मामलों की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल ने ऊधमसिंह नगर जिले में ‘डेमोग्राफिकली/फोटो सिमिलर एंट्रीज’ (डीएसई/पीएसई) के नाम पर करीब 1.02 लाख मतदाताओं को संदिग्ध बताए जाने का मुद्दा भी उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इन मतदाताओं के संबंध में राजनीतिक दलों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और नाम हटाए जाने की आशंका बनी हुई है।

प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ से मांग की कि जब तक कथित फर्जी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच और सत्यापन पूरा नहीं हो जाता, तब तक फॉर्म-सात के आधार पर नाम हटाने की कार्रवाई को रोका जाए। इसके अलावा, कांग्रेस ने नाम हटाने और फर्जी आपत्तियों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच एवं ऑडिट कराने की मांग भी की।

कांग्रेस ने कहा कि 15 सितंबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले सभी फर्जी आपत्तियों को निरस्त किया जाए और यदि किसी वैध मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है तो उसे तत्काल बहाल किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने आगाह किया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़क पर उतरने से लेकर अदालत तक का रुख करेगी।

सीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि एसआईआर प्रक्रिया पूर्णरूप से नियमानुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जिन जिलों में दावे एवं आपत्तियां अधिक संख्या में प्राप्त हुई हैं, वहां नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की पर्यवेक्षक के तौर पर अतिरिक्त तैनाती की गयी है।

पुरुषोत्तम ने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के आयुक्तों को भी मतदाता सूची के पर्यवेक्षक के रूप में कार्य सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को राजनीतिक दलों से नियमित बैठक करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

भाषा दीप्ति आशीष

आशीष