देहरादून, 15 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर जिले के किसान सुखवंत सिंह की कथित आत्महत्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया गया।
राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा यहां जारी आदेशों के अनुसार इसके अतिरिक्त, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए काशीपुर के आईटीआई पुलिस थाने और पैगा पुलिस चौकी में तैनात रहे 12 पुलिसकर्मियों का तत्काल प्रभाव से कुमाऊं परिक्षेत्र से बाहर गढ़वाल परिक्षेत्र के चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों में तबादला कर दिया गया है।
काशीपुर के पैगा गांव के रहने वाले सुखवंत सिंह ने 11 जनवरी को तड़के नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक होटल के कमरे में कथित रूप से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर मृतक ने आरोप लगाया था कि जमीन के नाम पर उससे कथित तौर पर करीब चार करोड़ रुपये की ठगी की गयी और पुलिस ने भी उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जिससे परेशान होकर उसे यह कदम उठाना पड़ रहा है।
राज्य पुलिस मुख्यालय के आदेशों के अनुसार, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के महानिरीक्षक भरणे की अध्यक्षता वाली इस पांच सदस्यीय एसआईटी में चंपावत के पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, टनकपुर की पुलिस क्षेत्राधिकारी वन्दना वर्मा, चंपावत में तैनात निरीक्षक दीवान सिंह बिष्ट एवं उपनिरीक्षक मनीष खत्री को शामिल किया गया है।
एसआईटी को सोशल मीडिया पर प्रसारित मृतक के वीडियो एवं उसके द्वारा ई-मेल के माध्यम से की गयी शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान ने अपनी शिकायत में ऊधमसिंह नगर जिले के स्थानीय व्यक्तियों तथा जिला पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ आरोप लगाए हैं।
आदेश के अनुसार, निष्पक्ष् एवं पारदर्शी जांच के दृष्टिगत दो निलंबित उप निरीक्षकों समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इससे पहले, 12 जनवरी को ऊधमसिंह नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने पुलिस कोतवाली आईटीआई के थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित तथा पैगा पुलिस चौकी पर तैनात सभी 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।
भाषा
दीप्ति रवि कांत