उत्तराखंड: देहरादून में लोक संवर्धन पर्व शुरू, रीजीजू और धामी ने किया उदघाटन
उत्तराखंड: देहरादून में लोक संवर्धन पर्व शुरू, रीजीजू और धामी ने किया उदघाटन
देहरादून, 11 जुलाई (भाषा) केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार देशभर के पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘लोक संवर्धन पर्व’ कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। रीजीजू ने देहरादून में आयोजित छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ के उद्घाटन अवसर पर कहा कि यह पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
रीजीजू ने कहा कि पीएम विकास (प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन) योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने इस आयोजन में साझेदारी कर देश का पहला राज्य बनने के लिए उत्तराखंड सरकार की सराहना की और कहा कि यह राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच को दर्शाता है।
वहीं मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘लोक संवर्धन पर्व’ जैसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, अवसर और पहचान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और ‘एक जनपद दो उत्पाद’ जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का काम कर रही है।
धामी ने लोगों से इस पर्व में स्थानीय उत्पाद खरीदकर शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साह बढ़ाने का आह्वान किया।
शनिवार से 15 जुलाई तक चलने वाले इस पर्व में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी और पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प एवं स्थानीय उत्पादों को प्रस्तुत कर रहे हैं।
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र

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