उत्तराखंड: देहरादून में आईएमए के पास व्यवसायिक परियोजना का मानचित्र अस्वीकृत किया गया

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उत्तराखंड: देहरादून में आईएमए के पास व्यवसायिक परियोजना का मानचित्र अस्वीकृत किया गया

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  • Publish Date - April 17, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 06:54 PM IST

देहरादून, 17 अप्रैल (भाषा) भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के निकट एक व्यावसायिक परियोजना के निर्माण पर सैन्य अधिकारियों द्वारा सुरक्षा कारणों को लेकर आपत्ति जताए जाने के बाद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने परियोजना के मानचित्र को अस्वीकृत कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

प्राधिकरण ने 15 अप्रैल को बिल्डर शिवम अग्रवाल को एक पत्र जारी करते हुए पंडितवाड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना के मानचित्र को अस्वीकृत करने की सूचना दी।

पत्र में बताया गया कि बिल्डर आईएमए से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में विफल रहे, जिसके कारण प्राधिकरण ने परियोजना को अस्वीकृत किया।

अधिकारियों ने बताया कि बिल्डर को जरूरी मंजूरी प्राप्त करने के लिए दो महीने का समय दिया गया था।

देहरादून कैंट स्थित स्टेशन मुख्यालय से फरवरी 2026 में प्राप्त पत्राचार से यह जानकारी मिली कि आईएमए ने ‘दून कर्व’ परियोजना के विज्ञापनों को देखने के बाद सुरक्षा उल्लंघन के बारे में चिंता जताई।

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, पंडितवाड़ी में परियोजना स्थल उच्च सुरक्षा संवेदनशील क्षेत्र में आता है।

रक्षा मंत्रालय के 18 मई 2011 के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी रक्षा प्रतिष्ठान के 100 मीटर के दायरे में निर्माण के लिए स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए) से अनिवार्य सुरक्षा मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है।

इन दिशानिर्देशों के तहत, रक्षा भूमि के 100 मीटर के दायरे में एक मंजिला इमारतों और 500 मीटर के दायरे में चार मंजिला संरचनाओं के निर्माण पर सख्त प्रतिबंध है।

आईएमए ने देहरादून के जिलाधिकारी और प्राधिकरण को लिखे एक पत्र में सवाल उठाया कि परियोजना को बिना उसकी मंजूरी के कैसे आगे बढ़ाया गया।

आईएमए ने सितंबर 2023 में प्राधिकरण द्वारा जारी उस निर्देश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि उसकी पूर्व मंजूरी के बिना किसी भी घर या निर्माण योजना को स्वीकृत या अनुमोदित नहीं किया जाना चाहिए।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, बिल्डर आईएमए द्वारा तीन और चार फरवरी को भेजे गए पत्रों में उठाई गई औपचारिक आपत्तियों का संतोषजनक समाधान करने में विफल रहे।

प्राधिकरण ने अस्वीकृति पत्र में बताया, “उपर्युक्त कारणों से, निर्माण परमिट के लिए आपके आवेदन पर विचार करना संभव नहीं है और इसलिए आपके मानचित्र की स्वीकृति को निरस्त किया जाता है।”

भाषा दीप्ति जितेंद्र

जितेंद्र