उत्तराखंड: नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिखों और प्रशासन के बीच गतिरोध जारी
उत्तराखंड: नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिखों और प्रशासन के बीच गतिरोध जारी
रुद्रप्रयाग, 22 जून (भाषा) उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार निहंग सिखों को छोड़े जाने की मांग को लेकर रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू में स्थित गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिखों और प्रशासन के बीच सोमवार को भी गतिरोध जारी रहा।
पुलिस के अनुसार 20 जून से गुरुद्वारे की छत पर चढ़े निहंग सिखों को नीचे उतरने के लिए मनाने के प्रयास जारी हैं। 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग बाजार में स्थानीय लोगों से एक मामूली विवाद के दौरान कथित रूप से तलवार से हमला करके उन्हें घायल करने के आरोप में निहंग सिखों को गिरफ्तार किया गया था।
इस बीच कर्णप्रयाग की घटना में घायल हुए निहंग सिख मनप्रीत सिंह के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा दोनों मामलों की जांच हरिद्वार जिले में स्थानांतरित कर दी गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। इससे पहले, पिछले दो दिन से चारधाम यात्रा मार्ग पर तैनात भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) भी क्षेत्र में पुलिस के सहयोग के लिए मौजूद थी।
सूत्रों के अनुसार, बदरीनाथ राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग और गौचर के बीच स्थित नगरासू गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर शनिवार शाम करीब चार बजे से चढ़े निहंग अब भी वहीं डटे हुए हैं।
गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर प्रवेश द्वार बंद करने वाले करीब 6-7 निहंग कर्णप्रयाग घटना में गिरफ्तार निहंगों को छोड़ने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों और निहंगों के बीच विवाद के दौरान निहंगों ने कथित तौर पर तलवारबाजी करके कुछ स्थानीय लोगों को घायल कर दिया था।
घटना में एक सिख श्रद्धालु भी घायल हुआ था। निहंग सिखों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन निहंगों से बातचीत करके उन्हें नीचे उतरने के लिए मनाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने बताया कि निहंगों के पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे शस्त्र हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निहंग गुरुद्वारे की छत पर से ही खाना और अन्य चीजें मंगा रहे हैं तथा इस दौरान पकड़े जाने से बचने के लिए पथराव भी कर रहे है।
इससे पहले रविवार शाम को रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा था कि पुलिस, जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति लगातार निहंगों के साथ संवाद कर रहे हैं और जल्द ही समाधान निकलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा था, ‘‘वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। निहंगों में से एक छत से नीचे उतरकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के लिए आया है तथा शेष निहंगों से भी संवाद जारी है।’’
उन्होंने गुरुद्वारे पर कब्जा किए जाने और किसी को बंधक बनाए जाने संबंधी खबरों का भी खंडन किया। हालांकि, गुरुद्वारे के संचालक सरदार बेअंत सिंह ने दावा किया कि निहंगों ने एक व्यक्ति को कुछ समय के लिए बंधक बनाया था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा शांतिपूर्वक जारी है और गुरुद्वारे के अंदर भी अरदास, लंगर तथा यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
नगरासू में कुछ वर्ष पहले बने इस गुरुद्वारे का उपयोग हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने-जाने वाले सिख श्रद्धालु करते हैं ।
इस बीच, कर्णप्रयाग पुलिस थाने में घायल निहंग सिख मनप्रीत सिंह के पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है जबकि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दोनों मुकदमों की जांच चमोली जिले से हरिद्वार जिले में स्थानांतरित कर दी गयी है।
राज्य पुलिस मुख्यालय से दी गयी जानकारी के अनुसार, विभिन्न सिख संगठनों द्वारा कर्णप्रयाग घटना के संबंध में पुलिस के व्यवहार और आचरण को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस उप महानिरीक्षक यशवंत सिंह को सौंपते हुए उन्हें दो सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है ।
भाषा सं दीप्ति
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