उत्तराखंड : विंडलास बॉयोटेक में कोडीन युक्त कफ सिरप के उत्पादन पर रोक

उत्तराखंड : विंडलास बॉयोटेक में कोडीन युक्त कफ सिरप के उत्पादन पर रोक

उत्तराखंड : विंडलास बॉयोटेक में कोडीन युक्त कफ सिरप के उत्पादन पर रोक
Modified Date: February 10, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: February 10, 2026 4:40 pm IST

देहरादून, 10 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यहां स्थित दवा निर्माता कंपनी विंडलास बॉयोटेक में कोडीन युक्त कफ सिरप के उत्पादन पर तत्काल रोक लगाते हुए संबंधित दवाई का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि विभाग की औषधि निरीक्षक शाखा ने यह कार्रवाई औषधि निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं के बाद की।

औषधि निरीक्षक शाखा के अधिकारियों ने सोमवार को निरीक्षण के दौरान कफ सिरप के निर्माण की प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, अभिलेखों के रख-रखाव एवं निर्धारित मानकों की विस्तार से जांच की थी।

अधिकारियों के अनुसार, जांच में औषधि की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पायी गयी जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती थी और इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए विभाग ने अविलंब कोडीन युक्त कफ सिरप के उत्पादन पर तत्काल रोक लगा दी।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही संबंधित औषधि का लाइसेंस भी अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों के औषधि अधिकारियों को कोडीन युक्त सिरप एवं अन्य मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग की रोकथाम हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं जिसके तहत मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं, निर्माण इकाइयों और वितरण नेटवर्क पर नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण तेज कर दिए गए हैं।

खाघ संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि जनता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक के अनुरूप औषधियां उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

जग्गी ने कहा कि कोडीन युक्त कफ सिरप एवं मनः प्रभावी औषधियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए शून्य सहनशीलता की नीति लागू की गई है।

जग्गी ने कहा कि जहां भी अनियमितता, लाइसेंस उल्लंघन या अवैध गतिविधि पाई जाएगी, वहां बिना किसी दबाव के सख़्त कार्रवाई की जाएगी।

संपर्क किए जाने पर विंडलास बॉयोटेक के होल टाइम निदेशक अशोक विंडलास ने फिलहाल इस पर कोई टिप्प्णी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह जल्द ही इस मामले में अपना जवाब देंगे।

भाषा

दीप्ति रवि कांत


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