राजस्थान में टीकाकरण की दर बढ़कर 91.8 प्रतिशत हुई: मंत्री

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राजस्थान में टीकाकरण की दर बढ़कर 91.8 प्रतिशत हुई: मंत्री

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 03:46 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 03:46 PM IST

जयपुर, 16 मार्च (भाषा) राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने सोमवार को दावा किया कभी “बीमारू” कहे जाने वाले राज्य ने टीकाकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और 2024-25 में टीकाकरण की दर बढ़कर 91.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो तीन दशक पहले मात्र 21 प्रतिशत थी।

खींवसर ने राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर तेजी से कम होकर राष्ट्रीय औसत की तुलना में बेहतर स्थिति में पहुंच गई है।

उन्होंने बताया कि टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जन्म से 16 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विभिन्न टीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

खींवसर ने बताया कि राजस्थान में वर्ष 1992-93 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के मुताबिक पूर्ण टीकाकरण का प्रतिशत मात्र 21.1 था, जो एनएफएचएस सर्वे 2020-21 तक बढ़कर 80.4 प्रतिशत हो गया।

उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में यह दर 91.8 प्रतिशत रही।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने पत्रकारों को बताया कि राज्य में ऐसी बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए 10 प्रकार के टीके लगाए जाते हैं, जो टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि इन टीकों से लगभग 11 गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। उन्होंने कहा कि इनमें बीसीजी, हेपेटाइटिस-बी, पेंटावेलेंट, पोलियो, रोटा वायरस, पीसीवी, खसरा-रूबेला, आईपीवी, डीपीटी बूस्टर तथा टीडी टीके शामिल हैं जबकि गर्भवती महिलाओं को भी टिटनेस और डिप्थीरिया से बचाव के लिए टीडी का टीका लगाया जाता है।

भाषा बाकोलिया

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