नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद अरूण सिंह ने दावा किया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने तेल एवं गैस संकट से बचने के लिए समय रहते कई कदम उठाये हैं तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के कारण भारतीय तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी बाधा के गुजरने की सुविधा प्रदान की गयी।
अनुदान की अनुपूरक मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के अरुण सिंह ने कहा कि सरकार की इन मांगों के सभी उद्देश्य नेक हैं जिसमें किसानों को राहत देने, सैनिकों को सुविधाएं देने और विश्व में कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव से देश के उपभोक्ताओं को सुरक्षा देने के मद शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि इन उद्देश्यों के बावजूद विपक्ष के लोग नकारात्मकता की राजनीति कर रहे हैं और विकास की राह में खड़े हो जाते हैं।
भाजपा सदस्य ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो वर्तमान संकट है, उसमें भारत की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि इस संकट के प्रभावों से भारत बच सके।
उन्होंने कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आपूर्ति को बनाये रखने और कीमतों की स्थिरता के लिए करीब 58 हजार करोड़ रूपये का बजटीय प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में पहले से ही समुचित कदम उठाये हैं और ‘‘बरसात होने पर छाता खोलने’’ की प्रतीक्षा नहीं की।
सिंह ने कहा कि सरकार के कदमों की इस बात को लेकर सराहना होनी चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य सब देशों के तेल टैंकरों के लिए बंद था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने (ईरान के राष्ट्रपति से) बात की उसके कारण जलडमरूमध्य से भारत का तेल टैंकर निकल कर 12 मार्च को मुंबई पहुंच गया।
भाजपा सांसद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 12 मार्च को इस्लामी गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत का जिक्र कर रहे थे।
सिंह ने कहा कि दो अन्य जहाजों को भी ईरान ने इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री मोदी के विश्व भर में सम्मान और लोकप्रियता के कारण संभव हुआ है।
उन्होंने नैनो यूरिया की विपक्ष द्वारा आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि इससे लागत में 25 प्रतिशत की कमी आती है। उन्होंने कहा कि संसद की स्थायी समिति के सभी सदस्यों ने नैनो यूरिया की तारीफ की है जिसमें कांग्रेस के सदस्य शामिल हैं किंतु आज कांग्रेस नेता सदन में इसकी आलोचना कर रहे हैं।
इससे पहले चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया था कि सरकार किसानों को नैनो यूरिया खरीदने के लिए मजबूर कर रही है और किसान इससे खुश नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की कीमतें नहीं बढ़ने दी और किसानों पर आर्थिक बोझ नहीं डाला। उसी का परिणाम है कि भारत आज चावल उत्पादन में नंबर एक हो गया है और खाद्यान्न उत्पान रिकार्ड स्तर पर है।
सिंह ने कहा कि गरीब कल्याण अन्न योजना को सरकार ने 2028 तक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि इससे जहां गरीब लोगों को अनाज दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ किसानों से धान तथा अनाज भी बड़े पैमाने पर खरीदा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जो महलों में बैठकर राजनीति करते हैं उन्हें गरीबों की खुशी नहीं दिख सकती।
भाषा
माधव अविनाश
अविनाश