नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) रेलवे में मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए भाजपा के एक सांसद ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे का तकनीक आधारित और भविष्योन्मुखी विकास हो रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य विष्णुदयाल राम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ‘‘मैंने रेलवे में मुख्य सुरक्षा अधिकारी के रूप में काम किया है। उस दौरान मैंने तीन रेल मंत्रियों के नेतृत्व में काम किया। प्रत्येक मंत्री ने रेलवे के विकास में योगदान दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं अपने अनुभव के आधार पर यह बात पूरे विश्वास के साथ कहना चाहूंगा कि वर्तमान रेल मंत्री वैष्णव का दृष्टिकोण तकनीक आधारित और भविष्योन्मुखी है।’’
भाजपा सांसद ने कहा कि आज भारतीय रेल में परिचालन जटिलताओं के समाधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल डेटा बेस और ‘कवच’ जैसी प्रौद्योगिकियों का अधिक से अधिक उपयोग हो रहा है, इनके परिणामस्वरूप रेल यातायात अपेक्षाकृत सुरक्षित हुआ है।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 तक देश में 164 वंदे भारत ट्रेन 274 से अधिक जिलों को जोड़ चुकी हैं।
भाजपा के ही रामवीर सिंह बिधूड़ी ने चर्चा में भाग लेते हुए रेलवे में सुरक्षा, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में लगातार ध्यान दिये जाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि संप्रग के शासन में 2004 से 2014 तक औसतन प्रतिदिन केवल 4.2 किलोमीटर रेल पटरी बिछाई जाती थी और आज रोजाना औसतन 14.5 किमी पटरी बिछाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक दशक में 31 हजार किलोमीटर से अधिक रेल पटरी बिछाई गई हैं।
दक्षिण दिल्ली से सांसद बिधूड़ी ने कहा कि 2009 से 2014 तक दिल्ली को रेल बजट में औसतन हर साल 96 करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन अकेले इस साल के बजट में दिल्ली के लिए 2,711 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
वहीं, कांग्रेस की सांसद कुमारी सैलजा ने दावा किया कि इस बार का बजट विशेष रूप से रेलवे के मामले में ‘सबका साथ-सबका विकास’ की सरकार की सोच पर खरा नहीं उतर पाया है।
उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा हालात को देखते हुए यह बात तय हो गयी है कि सरकार को सार्वजनिक परिवहन में और निवेश करना होगा।
हरियाणा के सिरसा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य सैलजा ने कहा कि उनका राज्य देश की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 3 से 4 प्रतिशत का योगदान देता है और खाद्यान्न उत्पादन में उसकी बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन रेलवे अवसंरचना के मामले में हरियाणा को पर्याप्त संसाधन नहीं मिले हैं।
समाजवादी पार्टी के देवेश शाक्य ने अपने संसदीय क्षेत्र एटा-कासगंज (उत्तर प्रदेश) में दोहरी रेलवे लाइन नहीं होने का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली से केवल 200 किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद भी उनका निर्वाचन क्षेत्र अब तक राष्ट्रीय राजधानी से नहीं जुड़ पाया है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वंदे भारत ट्रेनों पर जोर देने के बजाय सरकार को पैसेंजर ट्रेन की संख्या बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
भाषा वैभव सुभाष
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