वड़ोदरा कार हादसा: न्यायालय ने आरोपी को मिली जमानत के खिलाफ गुजरात सरकार की याचिका खारिज की

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वड़ोदरा कार हादसा: न्यायालय ने आरोपी को मिली जमानत के खिलाफ गुजरात सरकार की याचिका खारिज की

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 07:57 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 07:57 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2025 के वडोदरा कार दुर्घटना मामले में शामिल 23 वर्षीय लड़के को जमानत दी गई थी। इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई थी जबकि नौ अन्य घायल हो गए थे।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने उस लड़के की जमानत में दखल देने से इनकार कर दिया जिस पर आरोप था कि वह नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था।

पीठ ने कहा कि वह नौ महीने जेल में बिता चुका है और यह काम जान-बूझकर नहीं किया गया था।

राज्य सरकार की ओर से पेश वकील स्वाति घिल्डियाल ने जमानत दिए जाने का कड़ा विरोध किया और दलील दी कि आरोपी ने मादक पदार्थों का सेवन किया था और तीन बार टक्कर मारी थी।

उन्होंने कहा कि तीसरी टक्कर के बाद, लड़का कार से बाहर निकला और चिल्लाया, ‘‘एक और राउंड, एक और राउंड।’’

वकील ने कहा कि उसे अपने किए पर बिल्कुल भी पछतावा नहीं था।

घिल्डियाल ने कहा कि आरोपी समाज के लिए खतरा है और नशे का आदी है; साथ ही, उसके खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) कानून के तहत एक और प्राथमिकी भी दर्ज है।

उन्होंने आगे दलील दी कि उच्च न्यायालय ने उसे सिर्फ इस आधार पर जमानत दी कि वह 23 साल का है और यह घटना नशे की हालत में हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘नशा करना उसके पक्ष में कैसे माना जा सकता है?’’

घिल्डियाल ने यह भी कहा कि आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (भाग 2) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

पीठ ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 23 साल की उम्र एक अहम पहलू है और आरोपी का यह काम जान-बूझकर या अपनी मर्जी से नहीं किया गया था।

घिल्डियाल ने कहा कि जब कोई व्यक्ति नशा करके गाड़ी चलाता है, तो यह माना जाता है कि उसे इंसानी जान को होने वाले संभावित खतरे की जानकारी है; इसलिए, उस पर बीएनएस की धारा 105 लागू होती है।

हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने उनकी दलील से सहमति नहीं जताई और राज्य सरकार द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उच्च न्यायालय के 22 दिसंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी।

पिछले साल 14 मार्च को गुजरात के वडोदरा शहर में एक तेज रफ्तार कार ने दोपहिया वाहनों को टक्कर मार दी थी। इस घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य लोग घायल हो गए थे।

हादसे के बाद आरोपी रक्षित रवीश चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया गया। मृतक महिला की पहचान हेमाली पटेल के रूप में हुई, जो दुर्घटना के समय अपना स्कूटर चला रही थीं।

भाषा वैभव नरेश

नरेश