‘वंदे मातरम्’ विवाद: भाजपा ने कांग्रेस को तुष्टीकरण की राजनीति के लिए नयी मुस्लिम लीग बताया
‘वंदे मातरम्’ विवाद: भाजपा ने कांग्रेस को तुष्टीकरण की राजनीति के लिए नयी मुस्लिम लीग बताया
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्टी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने के फैसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी ‘‘नयी मुस्लिम लीग’’ बन गई है और उसके लिए तुष्टीकरण की राजनीति अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
कांग्रेस ने बुधवार को अपने सभी कार्यक्रमों में अब से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो अंतरे गाने का फैसला किया।
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के 1937 के प्रस्ताव का पालन करेगी।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस ने अब राष्ट्रगीत के अपमान को बाकायदा एक प्रस्ताव के रूप में औपचारिक रूप दे दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत माता’ की इस पावन वंदना का अपमान उन हजारों बलिदानियों का तिरस्कार है, जिन्होंने इसी गीत को अपनी चेतना में रखकर राष्ट्र के लिए बलिदान दिया था। यह केवल एक राजनीतिक बचाव नहीं, बल्कि उस वोट बैंक की भूख का प्रमाण है, जिसके आगे कांग्रेस ने हर बार राष्ट्र के स्वाभिमान को गिरवी रखा है।”
नवीन ने कहा, “कांग्रेस ने अब इसके अपमान (वंदे मातरम्) को एक प्रस्ताव की शक्ल दे दी है। उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले अंतरे ही गाए जाएंगे।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को खंडित करने की गलती एक बार पहले भी हो चुकी है और देश को इसके परिणाम भुगतने पड़े हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा कि कांग्रेस का ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले दो अंतरे गाने का फैसला कानून की अवहेलना करते हुए उसके वोट बैंक के तुष्टीकरण के उद्देश्य से लिया गया है।
शाह ने कहा, ‘‘1937 में तुष्टीकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस ने ही ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में बांटा था।’’
कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने भी गृह मंत्री के बयान को ‘एक्स’ पर साझा किया।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी कहा कि आज की कांग्रेस ‘‘नयी मुस्लिम लीग’’ है और उसके इस फैसले से विपक्षी पार्टी की ‘‘संविधान विरोधी’’ रणनीति और चरित्र उजागर हो गए हैं।
तावड़े ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘कांग्रेस ने अब उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया है कि वह आज की ‘नयी मुस्लिम लीग’ बन गई है, क्योंकि जो जिद मुस्लिम लीग की 1937 में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर थी, वही जिद 2026 में कांग्रेस की है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर दिखा दिया है कि उसकी प्राथमिकता राष्ट्रभावना के बजाय वोट बैंक की राजनीति है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना का पूर्ण गान और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसका पूर्ण गायन सुनिश्चित करने के लिए इसे कानूनी रूप देकर ‘‘ऐतिहासिक भूल’’ को सुधारने का फैसला किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 1937 में ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ के तहत कांग्रेस द्वारा ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में बांटने के फैसले ने ‘‘दो राष्ट्र के सिद्धांत को मजबूती दी और अंततः देश के विभाजन का कारण बना।’’
नड्डा ने कहा, ‘‘देश की जनता अब इस कुंठित मानसिकता से भली-भांति अवगत है। जो पार्टी देश की अस्मिता और राष्ट्रीय पहचान से समझौता करती है, उसे राष्ट्र कभी माफ नहीं करेगा।’’
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस अपनी पुरानी गलतियों को दोहरा रही है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान केवल बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी की महान रचना का अपमान नहीं बल्कि उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के बलिदान व शहादत का भी अपमान है, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।’’
रीजीजू ने कहा, ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति के नाम पर कांग्रेस अब देश को बांट नहीं सकती। राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान सर्वोपरि है।’’
भाषा जितेंद्र खारी
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