पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी, लग सकता है झटका

Ads

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी, लग सकता है झटका

  •  
  • Publish Date - June 21, 2018 / 07:17 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:55 PM IST

नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई और आसमान छू रहे पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी चल रहा है। इस स्थिति में राज्य वैट भी लगा सकती है। लिहाजा दाम और बढ़ सकते हैं।

ये भी पढ़ें- पीएफ सब्सक्राइबर्स के लिए बुरी खबर, 60 फीसदी ही निकाल पाएंगे पीएफ की रकम

पेट्रोल-डीजल पर GST लगाया जा सकता है। हालांकि, GST में आने पर भी राज्यों में VAT खत्म नहीं होगा। बल्कि जीएसटी से अलग वैट भी वसूला जाएगा। हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर लेना है। अगर ऐसा संभव हुआ तो पेट्रोल और डीजल पर GST और राज्यों के वैट का कॉम्बिनेशन टैक्स लग सकता है। 

ये भी पढ़ें- मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने दिया इस्तीफा

सरकारी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, GST रिजिम में दोनों ऑटो फ्यूल पर टैक्स लगाने की तैयारी हो रही है। GST के दायरे में आने पर अधिकतम दर 28 फीसदी टैक्स लगेगा।

ये भी पढ़ें- दूल्हे ने दहेज में मांगी बाइक, दुल्हन ने चौखट से लौटाई बारात

अधिकारी के मुताबिक, अगर दोनों फ्यूल को GST के दायरे में लाया जाता है तो केंद्र को 20000 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट को छोड़ना होगा। यह क्रेडिट 1 जुलाई 2017 से लागू हुए गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) से पेट्रोल, डीजल, नैचुरल गैस, जेट फ्यूल और क्रूड ऑयल को बाहर रखने के बाद बने इनपुट टैक्स क्रेडिट को छोड़ने के लिए तैयार है।

 

वेब डेस्क, IBC24