बेंगलुरु, 24 जून (भाषा) कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खांद्रे ने बुधवार को कहा कि मनरेगा की जगह लेने वाली नयी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ‘वीबी–जी राम जी’ राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने के बावजूद एक जुलाई से लागू की जाएगी।
राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री खांद्रे ने कहा कि यह निर्णय ग्रामीणों, महिलाओं, वंचित समुदायों और अन्य कमजोर वर्गों के हित में लिया गया है।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पहले मजदूरी का खर्च 90:10 के अनुपात में वहन किया जाता था, जिसमें राज्यों का योगदान केवल 10 प्रतिशत था।
मंत्री ने कहा, “नयी व्यवस्था के तहत खर्च 60:40 के अनुपात में वहन करना होगा, जिससे राज्य सरकारों पर बोझ काफी बढ़ जाएगा।”
बेंगलुरु में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “वर्ष 2006 से 2026 तक केंद्र ने कर्नाटक में मनरेगा के तहत लगभग 56,492 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि राज्य ने केवल 4,821 करोड़ रुपये का योगदान दिया।”
उन्होंने कहा, “नयी प्रणाली के तहत राज्य को अकेले एक ही वर्ष में 3,806 करोड़ रुपये वहन करने होंगे, जो एक बड़ा वित्तीय बोझ है।”
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