वाहन ऋण धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार और पांच कारें बरामद

वाहन ऋण धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार और पांच कारें बरामद

वाहन ऋण धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार और पांच कारें बरामद
Modified Date: January 11, 2026 / 09:31 pm IST
Published Date: January 11, 2026 9:31 pm IST

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंकों से वाहन ऋण लेकर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से मर्सिडीज-बेंज, मारुति ब्रेजा, टाटा अल्ट्रोज, स्कॉर्पियो-एन सहित पांच वाहन जब्त किए गए हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी फर्जी आधार, पैन कार्ड और आयकर रिटर्न (आईटीआर) के जरिए फर्जी पहचान तैयार कर बैंकों से ऋण लेते थे और फिर जानबूझकर किश्तें नहीं चुकाते थे, जिससे खाते गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) में बदल जाते थे।

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अपराध शाखा ने पिछले साल 25 दिसंबर को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह अभियान शुरू किया था।

अधिकारी ने बताया कि निरंतर निगरानी और तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि ‘ट्रैकिंग’ से बचने के लिए वाहनों का विभिन्न राज्यों में दोबारा पंजीकरण कराया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी अमन कुमार (46) जाली पहचान तैयार कर उनके जरिए राहुल कपूर, श्याम सुंदर और राय कपूर के नाम से रह रहा था।

उन्होंने बताया कि अमन ने फर्जी दस्तावेजों से कई बैंक खाते खोलकर ऋण लिया और फिर उन वाहनों को अन्य खरीदारों को बेच दिया।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने अमन के घर छापेमारी कर फर्जी रिकॉर्ड बरामद किए और उसे 25 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कई फर्जी नामों और पतों के इस्तेमाल की बात स्वीकार की है।

उन्होंने बताया कि इसी कार्रवाई के तहत, पुलिस ने आठ जनवरी को नजफगढ़ निवासी सह-आरोपी धीरज को गिरफ्तार किया, जो इस साजिश में अमन के साथ शामिल था।

अधिकारी ने बताया कि उसके पास से एक स्कॉर्पियो-एन और एक टोयोटा हायलक्स बरामद हुई है।

उन्होंने बताया कि पूछताछ में पता चला कि फर्जी आधार कार्ड नजफगढ़ की एक दुकान में बनाए जाते थे। इसके बाद पुलिस ने नौ जनवरी को दुकान संचालक नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने बताया, ‘पुलिस ने दुकान से एक मोबाइल फोन, आई-स्कैनर, बायोमेट्रिक स्कैनर, वेब कैमरा और पीवीसी कार्ड प्रिंटिंग मशीन बरामद की है, जो फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार करने में इस दुकान की संलिप्तता को दर्शाती है।

भाषा सुमित पवनेश

पवनेश


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