तिरुवनंतपुरम, सात अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नाम एक खुला पत्र लिखकर उनकी सरकार के खिलाफ कई आरोप लगाए और दावा किया कि वामपंथी नेता ने केंद्र सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी के साथ ‘गुप्त समझौता’ कर लिया है।
वेणुगोपाल ने केरल विधानसभा के प्रचार के आखिरी दिन विजयन के नाम जो पत्र लिखा उसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से 10 सवाल किए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली में अधिकारियों की उपस्थिति के बिना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ विजयन की बैठक हुई और केरल भवन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ भी मुलाकात हुई थी।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर इन मुलाकातों के पीछे का क्या एजेंडा था।
वेणुगोपाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुख्यमंत्री की बैठकों का भी जिक्र किया और पूछा कि क्या आधिकारिक स्तर से हुई चर्चा किसी कथित मिलीभगत का हिस्सा थी।
उन्होंने सत्तारूढ़ मोर्चे के भीतर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेताओं के विरोध के बावजूद ‘पीएम श्री’ योजना को लागू करने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह भाजपा के साथ एक समझौते पर पहुंचने के बाद किया गया था।
बाद में इस फैसले को वापस लिया गया था।
कांग्रेस नेता ने श्रम संहिता नियमों को लेकर राज्य सरकार के रुख पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि एलडीएफ के घटक दलों से परामर्श किए बिना निर्णय लिए गए।
उनका दावा है कि श्रमिक संठनों के पंजीकरण शुल्क बढ़ाने जैसे उपायों का उद्देश्य कुछ निहित हितों से जुड़े लोगों को खुश करना था।
विजयन से जुड़े कथित ‘एसएनसी-लवलीन’ मामले का जिक्र करते हुए वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि उच्चतम न्यायालय की सुनवाई में बार-बार स्थगन को केंद्र के साथ कथित समझौते से जोड़ा जा सकता है और सवाल किया कि क्या राजनीतिक पदों को लेकर समझौता किया जा रहा है?
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ‘एक्सलॉजिक्स मामले, कोडकारा हवाला मामले और मुख्यमंत्री के बेटे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के नोटिस को लेकर विजयन को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री विजयन की ओर से वेणुगोपाल के खुले पत्र पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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