समय पर शराब बरामद नहीं होती तो बढ़ सकती थी मौतों की संख्या: बिहार के डीजीपी

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समय पर शराब बरामद नहीं होती तो बढ़ सकती थी मौतों की संख्या: बिहार के डीजीपी

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 03:28 PM IST

पटना, सात अप्रैल (भाषा) बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब कांड को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मंगलवार को कहा कि समय पर शराब की बरामदगी नहीं होती तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर शराब की बड़ी खेप बरामद की है और सभी मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मोतिहारी में गत बृहस्पतिवार को कथित तौर पर जहरीली शराब पीने वालों में से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है जबकि बीमार हुए कई अन्य लोगों का अब भी इलाज जारी है।

घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने राज्यभर में छापेमारी तेज कर दी है और विभिन्न स्थानों से भारी मात्रा में शराब जब्त की गई है।

डीजीपी ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और जांच जारी है।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 1500 लीटर मेथेनॉल बरामद किया गया है। उनके अनुसार यदि इस जहरीले पदार्थ का भी उपयोग कर लिया गया होता स्थिति और भयावह हो सकती थी।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, कई लोगों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।

गौरतलब है कि मेथेनॉल एक अत्यंत जहरीला पदार्थ है, जो अक्सर अवैध या मिलावटी शराब में पाया जाता है। शरीर में जाने पर लीवर इसे फॉर्मिक एसिड में बदल देता है, जो कोशिकाओं के लिए अत्यधिक घातक होता है और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करता है।

मेथेनॉल के सेवन के बाद शुरुआत में सामान्य नशे जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन कुछ घंटों बाद तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, पेट दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। स्थिति गंभीर होने पर व्यक्ति कोमा में जा सकता है और उसकी मृत्यु हो सकती है।

भाषा कैलाश मनीषा

संतोष