विहिप ने कांग्रेस प्रमुख पर चुनाव से पहले सांप्रदायिक अशांति फैलाने का लगाया आरोप

विहिप ने कांग्रेस प्रमुख पर चुनाव से पहले सांप्रदायिक अशांति फैलाने का लगाया आरोप

विहिप ने कांग्रेस प्रमुख पर चुनाव से पहले सांप्रदायिक अशांति फैलाने का लगाया आरोप
Modified Date: April 7, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: April 7, 2026 8:52 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना ‘जहरीले सांपों’ से करने संबंधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह भड़काऊ है और इससे सांप्रदायिक अशांति भड़क सकती है।

विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि खरगे का बयान प्रत्यक्ष रूप से हिंसा भड़काने के समान है।

कुमार ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने एक जनसभा में सांप्रदायिक उन्माद भड़काने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर आरएसएस और भाजपा के सदस्य आपके सामने आ जाएं, तो नमाज छोड़कर पहले उन पर हमला कर देना चाहिए। यह हिंसा का सीधा आह्वान है और हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने का प्रयास है।’’

विहिप अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा कि अगर आप नहीं मारेंगे, तो आपकी जान पक्की तौर पर जायेगी।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अल्पसंख्यक समुदायों में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुमार ने कहा, ‘‘वह (खरगे) कुरान का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि व्यक्ति का नमाज़ छोड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे नमाज़ तोड़कर पहले हमला करना चाहिए। ऐसे में अगर हिंसा होती है, तो खरगे सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।’’

सोमवार को असम में चुनाव प्रचार के दौरान, खरगे ने कथित तौर पर कुरान का हवाला देते हुए कहा कि अगर आपके सामने से कोई जहरीला सांप गुजर रहा हो, तो नमाज पढ़ते हुए भी आपको नमाज छोड़कर उस जहरीले सांप को मार देना चाहिए। खरगे ने कथित तौर पर कहा, ‘‘आरएसएस और भाजपा जहरीले सांप हैं।’’

ऐसे बयानों को ‘शर्मनाक’ करार देते हुए कुमार ने सवाल किया कि क्या एक राज्यसभा सदस्य ऐसा बयान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा, “उन्होंने (खरगे ने) संविधान का पालन करने की शपथ ली है। क्या ऐसे बयान जायज ठहराए जा सकते हैं? उन्होंने स्पष्ट रूप से कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।’’

विहिप प्रमुख ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘चाहे हताशा से प्रेरित हों या हार के भाव से, लेकिन वह सौ साल के इतिहास वाली एक बड़ी पार्टी के राज्यसभा सदस्य हैं। अगर वह ऐसे भड़काऊ बयान देते हैं, हिंसा का आह्वान करते हैं और समुदायों के बीच शत्रुता फैलाते हैं, तो यह बेहद निंदनीय है।”

कुमार ने कांग्रेस से इसपर अपना रूख स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि यदि वह मौन साध लेती है तो उसकी चुप्पी इस बयान पर मुहर के रूप में देखा जायेगा।

भाषा राजकुमार माधव

माधव


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