हासन (कर्नाटक), 21 अप्रैल (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) देश भर के कॉरपोरेट और औद्योगिक निकायों से संपर्क करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यस्थलों पर हिंदू महिलाओं को ‘‘निशाना न बनाया जाए या उनका उत्पीड़न न किया जाए’’। संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विहिप के संगठन महासचिव मिलिंद परांडे ने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा कि हिंदू संगठन विभिन्न उद्योगों के राष्ट्रीय संगठनों से मुलाकात करेगा और कार्यस्थलों पर ‘‘लव जिहाद’’ और जबरन धर्मांतरण की कथित घटनाओं पर चिंता व्यक्त करेगा।
दक्षिणपंथी समूहों द्वारा ‘‘लव जिहाद’’ शब्द का उपयोग मुस्लिम पुरुषों के हिंदू महिलाओं को रिश्तों और शादी के जाल में फंसाकर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने की साजिश रचने के आरोप के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘विहिप देशभर में विभिन्न उद्योगों के राष्ट्रीय संगठनों से क्रमबद्ध तरीके से मुलाकात करेगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी कार्यस्थल पर—न केवल आईटी उद्योग में बल्कि सभी उद्योगों में हिंदू महिलाओं को निशाना न बनाया जाए या उनका उत्पीड़न न किया जाए।’’
परांडे ने कार्यस्थलों पर हिंदू महिलाओं को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘हिंदू समाज को निशाना बनाया जा रहा है और वह संकट का सामना कर रहा है। ऐसी प्रवृत्तियां किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।’’
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से आत्मचिंतन करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरे समुदाय को इस बात पर विचार करना चाहिए कि युवा पीढ़ी को किस प्रकार के मूल्य सिखाए जा रहे हैं। इस तरह की प्रवृत्तियां किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।’’
परांडे ने कहा कि इस तरह की बढ़ती घटनाओं से पूरा मुस्लिम समुदाय संदेह के घेरे में आ सकता है।
विहिप के नेता की यह टिप्पणियां सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक इकाई में कथित उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के मामलों के मद्देनजर आई हैं।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक की उनकी मौजूदा यात्रा संगठन के विस्तार के उद्देश्य से किए जा रहे राष्ट्रव्यापी संगठनात्मक दौरे का हिस्सा है।
भाषा यासिर वैभव
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