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नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा ने सोमवार को नौसेना संचालन महानिदेशक (डीजीएनओ) का कार्यभार संभाल लिया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी।
रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि 35 वर्षों से अधिक के अपने विशिष्ट सैन्य करियर में इस फ्लैग अधिकारी ने समुद्र और तट दोनों पर कमान, परिचालन, प्रशिक्षण तथा स्टाफ से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं।
बयान के अनुसार, समुद्र में उनकी प्रमुख नियुक्तियों में तटरक्षक इंटरसेप्टर नौका ‘सीजीएस-05’ तथा भारतीय नौसेना के पोत ‘वीर’, ‘किरपान’ और ‘मैसूर’ की कमान संभालना शामिल है।
वाइस एडमिरल चड्ढा ने वाइस एडमिरल ए. एन. प्रमोद का स्थान लिया है। प्रमोद नौसेना संचालन महानिदेशक के रूप में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना की योजना और परिचालन तैयारियों से जुड़े रहे थे।
मंत्रालय ने कहा कि वाइस एडमिरल चड्ढा संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के विशेषज्ञ हैं।
खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 78वें पाठ्यक्रम के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल चड्ढा को एक जुलाई, 1991 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। वह वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज के 61वें पाठ्यक्रम के भी पूर्व छात्र हैं और उन्होंने अमेरिका के वाशिंगटन स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय से ‘हायर कमांड कोर्स’ भी किया है।
फ्लैग अधिकारी के रूप में उन्होंने मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में नौसेना अताशे के तौर पर भी सेवा दी। नौसेना मुख्यालय में उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व किया और वर्ष 2016 के अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू) के निदेशक के रूप में भी कार्य किया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वाइस एडमिरल चड्ढा की विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें वर्ष 2025 में ‘अति विशिष्ट सेवा पदक’ और वर्ष 2017 में ‘विशिष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किया गया।
भाषा रवि कांत दिलीप
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