विक्टोरिया बसु मामले में अदालत ने नेपाल में घुसने के रिकॉर्ड पर पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा

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विक्टोरिया बसु मामले में अदालत ने नेपाल में घुसने के रिकॉर्ड पर पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा

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  • Publish Date - March 5, 2026 / 07:40 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 07:40 PM IST

नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने रूसी महिला विक्टोरिया बसु से जुड़े बच्चे की अभिरक्षा विवाद मामले में जांच अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। महिला पर अपने नाबालिग बच्चे के साथ अवैध तरीके से भारत छोड़ने और जंगल के रास्ते कथित तौर पर नेपाल में प्रवेश करने का आरोप है।

विक्टोरिया अपने भारतीय पति सैकत बसु के साथ बच्चे की अभिरक्षा को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। वह फिलहाल अपने पति से अलग रह रही हैं।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीमा निर्मल ने जांच अधिकारी (आईओ) को पूरक आरोपपत्र दाखिल करने और विक्टोरिया के खिलाफ मामले में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए जाली दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट विवरण देने का निर्देश दिया।

अदालत को बताया गया कि जांच के तहत विक्टोरिया और उनके नाबालिग बेटे के आव्रजन तथा यात्रा संबंधी विवरण प्राप्त करने के लिए नेपाल और रूस के अधिकारियों को पत्र भेजे गए थे।

अदालत ने 28 फरवरी के अपने आदेश में कहा कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ‘‘नेपाल के अधिकारियों ने कुछ आव्रजन और यात्रा संबंधी विवरण उपलब्ध कराए हैं। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, विक्टोरिया बसु और उनका बेटा 11 जुलाई 2025 को बीरगंज के रास्ते नेपाल में दाखिल हुए थे और उनके आगमन का स्थान रूस से दिखाया गया है। हालांकि, बीरगंज भारतीय सीमा से सटा एक भूमि पत्तन है।

अदालत ने कहा कि पुलिस जांच के अनुसार महिला और बच्चा आठ जुलाई 2025 को सह-आरोपी समीर अंसारी की मदद से जंगल के रास्ते नेपाल में दाखिल हुए थे।

अदालत को यह भी बताया गया कि विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के अनुसार नौ अप्रैल 2023 के बाद विक्टोरिया की किसी यात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है, जबकि बच्चे के जन्म (29 जनवरी, 2020) के बाद से उसकी यात्रा से जुड़ा कोई विवरण उपलब्ध नहीं है।

इस बीच रूसी अधिकारियों ने कहा है कि महिला और बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है।

जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि विक्टोरिया के खिलाफ 10 मार्च 2023 को गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे, जिन्हें निष्पादन के लिए गृह मंत्रालय को भेजा गया था, लेकिन अब तक उनके क्रियान्वयन के संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

अदालत ने गौर किया कि कथित जाली दस्तावेजों के बारे में कुछ स्पष्टीकरण की आवश्यकता है जिसके बाद उसने पुलिस को निर्देश दिया कि वे पूरक आरोपपत्र दाखिल करें और मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को तय की।

विक्टोरिया 2019 में सैकत बसु से शादी के बाद भारत आई थीं। वैवाहिक संबंध टूटने के बाद उन्होंने 2023 में बच्चे की पूर्ण अभिरक्षा के लिए अदालत का रुख किया था।

भाषा खारी रंजन

रंजन