विजयन ने यूडीएफ पर शराब कंपनी को कर में कटौती के जरिए लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया

विजयन ने यूडीएफ पर शराब कंपनी को कर में कटौती के जरिए लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया

विजयन ने यूडीएफ पर शराब कंपनी को कर में कटौती के जरिए लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया
Modified Date: July 1, 2026 / 12:43 pm IST
Published Date: July 1, 2026 12:43 pm IST

तिरुवनंतपुरम, एक जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने अपने पहले बजट में कम अल्कोहल वाले स्पिरिट-आधारित पेय पदार्थों पर कर में भारी कटौती का प्रस्ताव देकर शराब बनाने वाली एक बड़ी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है।

विजयन ने आरोप लगाया कि इस कदम से राज्य को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान होगा जबकि निजी शराब कंपनियों को फायदा होगा।

बुधवार को एक अखबार में छपे लेख में विजयन ने दावा किया कि सरकार ने एक ऐसी फाइल को फिर से आगे बढ़ाया है जो पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के समय 2023 से लंबित पड़ी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय में बड़ी तेजी से फाइल पर काम हुआ और कुछ ही घंटों में यह मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई और रिकॉर्ड समय में मंजूर भी हो गई।

इस प्रस्ताव को एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय के बजाय ‘‘सुनियोजित कदम’’ बताते हुए विजयन ने कहा कि कम अल्कोहल वाली शराब पर कर को 251 प्रतिशत से अधिक से घटाकर 120 प्रतिशत कर दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से शराब की कीमतें कम होंगी और शराब की खपत बढ़ेगी न कि लोगों की सेहत की रक्षा होगी।

विजयन ने आरोप लगाया कि यह छूट केरल के किसानों या उपभोक्ताओं के बजाय पड़ोसी राज्य कर्नाटक की शराब कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए दी गई थी।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार ने कर में छूट की घोषणा तब क्यों की जब यह तय ही नहीं हुआ था कि ऐसे उत्पादों को राज्य में बेचने की अनुमति दी जाएगी या नहीं; उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने भी संकेत दिया था कि इस पर अंतिम फैसला प्रस्तावित नयी शराब नीति के तहत ही लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एलडीएफ ने पहले किसानों और छोटे उद्योगों को समर्थन देने के लिए कटहल और काजू से बने कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थों को बढ़ावा देने पर विचार किया था।

उन्होंने दावा किया कि इसके बजाय, मौजूदा प्रस्ताव स्पिरिट-आधारित ‘रेडी-टू-ड्रिंक’ शराब वाले पेय पदार्थों को बढ़ावा देता है।

वहीं, राज्य में स्थित ‘लैटिन चर्च’ के पादरी यूजीन परेरा ने मंगलवार को कहा कि सरकार को राज्य में कम अल्कोहल वाली शराब के सेवन को बढ़ावा नहीं देना चाहिए और उम्मीद जताई कि यूडीएफ प्रशासन ऐसी शराब पर कर में कटौती लागू करने से पहले बातचीत करेगा।

परेरा ने कहा कि जनता भी चाहती है कि कर में कटौती लागू करने से पहले इस पर चर्चा हो।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले पर चर्चा के लिए कैबिनेट की उप-समिति बनाई जाएगी और बाद में जनता की राय को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला किया जाएगा।

परेरा ने दावा किया कि केरल एक ‘बार’ में बदल गया है क्योंकि सरकार शराब को कमाई का जरिया मानती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं, पारिवारिक समस्याओं और महिलाओं द्वारा आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे शराब एक मुख्य वजह रही है।

उन्होंने कहा कि भले ही इससे राजस्व मिलता हो लेकिन शराब से जुड़े खतरे गंभीर हैं।

उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि सरकार इस मामले पर चर्चा करेगी और फिर उचित निर्णय लेगी। जनता यही चाहती है।’’

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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