विजयन ने केरलम में छात्रों के प्रदर्शन पर कार्रवाई की तुलना दिल्ली में केंद्र की कार्रवाई से की
विजयन ने केरलम में छात्रों के प्रदर्शन पर कार्रवाई की तुलना दिल्ली में केंद्र की कार्रवाई से की
तिरुवनंतपुरम, तीन सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता पिनराई विजयन ने बुधवार को आरोप लगाया कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार एसएफआई कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों को जानबूझकर दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना नयी दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके से की।
‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) मंगलवार को केरल विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था। इस समारोह में केरलम के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन शामिल हुए थे।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी और बाद में लाठीचार्ज किया।
एसएफआई नेताओं ने आरोप लगाया कि दो महिला कार्यकर्ताओं के चेहरे और सिर पर चोटें आईं और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
एसएफआई ने बुधवार को लाठीचार्ज के विरोध में विरोध मार्च निकाला जो बाद में हिंसक हो गया।
विजयन ने बृहस्पतिवार को घायल छात्रों से मुलाकात की।
घायल छात्रों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में विजयन ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं पर “बर्बर हमला” किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों को इस बात का पता था कि किसी व्यक्ति के सिर के पिछले हिस्से पर चोट करने के क्या परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “इस तरह चोट मारने से एक छात्रा बेहोश होकर गिर पड़ी।’’
विजयन ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से पता चलता है कि केरलम में विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानून के कड़े प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें हत्या के प्रयास के आरोप भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।’’
विजयन ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई से विरोध-प्रदर्शनों को दबाया नहीं जा सकेगा, बल्कि इसके बजाय पूरे केरलम में और अधिक उग्र विरोध-प्रदर्शन हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपना रवैया सुधारना चाहिए और कथित दमनकारी कार्रवाई को बंद करना चाहिए।
भाषा देवेंद्र नरेश
नरेश

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