विजयन ने हिंदी को निर्देश का माध्यम बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया

Ads

विजयन ने हिंदी को निर्देश का माध्यम बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया

  •  
  • Publish Date - October 11, 2022 / 09:34 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:39 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 11 अक्टूबर (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को सभी तकनीकी और गैर-तकनीकी उच्च शिक्षण संस्थानों में हिंदी को निर्देश का माध्यम बनाने संबंधी एक संसदीय समिति की सिफारिश पर आपत्ति जताई और मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप की मांग की।

संबंधित संसदीय समिति ने हाल में सिफारिश की थी कि हिंदी भाषी राज्यों में तकनीकी और गैर-तकनीकी उच्च शिक्षा संस्थानों जैसे आईआईटी में निर्देश का माध्यम हिंदी और भारत के अन्य हिस्सों में उनकी संबंधित स्थानीय भाषा होनी चाहिए। इसमें कहा गया है कि अंग्रेजी के इस्तेमाल को वैकल्पिक बनाया जाना चाहिए।

विजयन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि शिक्षा के उच्च केंद्रों में हिंदी को निर्देश की मुख्य भाषा के रूप में नहीं थोपा जा सकता, क्योंकि देश में कई भाषाएं हैं और किसी एक भाषा को देश की भाषा नहीं कहा जा सकता है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा, ‘‘हमारे देश के नौकरी चाहने वालों और छात्रों को इस संबंध में गंभीर आशंकाएं हैं। मैं इस अवसर पर सुझाव देता हूं कि भारत सरकार में पदों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र संविधान की आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट सभी भाषाओं में दिए जाएं।’’

विजयन ने कहा, ‘मैं माननीय प्रधानमंत्री से आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता हूं।’

भाषा नेत्रपाल संतोष

संतोष

ताजा खबर