चेन्नई, पांच मई (भाषा) अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के साथ ही तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, जो बहुमत से 10 कम हैं। विजय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है।
पार्टी की ओर से राज्यपाल को भेजे गए ई-मेल में विजय ने कहा कि चूंकि टीवीके सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। पार्टी ने बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा में मौका दिए जाने का अनुरोध भी किया है।
टीवीके सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने सदन में बहुमत साबित करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।
एक अधिकारी ने कहा कि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति में राज्यपाल कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद ही आगे निर्णय लेंगे।
इस बीच, विजय के पनैयूर स्थित आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने दो सीटों—पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट—से जीत हासिल की है और संभावना है कि वह एक सीट छोड़कर पेरंबूर सीट अपने पास रखेंगे।
राजनीतिक विश्लेषक सुमंत रमण ने कहा कि विजय को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं और उसके बाद सदन में शक्ति परीक्षण कराया जा सकता है।
रमण ने ‘एक्स’ पर लिखा कि विजय द्रमुक और अन्नाद्रमुक को चुनौती दे सकते हैं कि उन्हें विश्वास मत में हराकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि दोनों दल फिलहाल की स्थिति में ऐसा करने का साहस नहीं करेंगे और ऐसी स्थिति में कुछ विधायक मतदान से दूर रह सकते हैं, जिससे सरकार बहुमत साबित कर सके और अल्पमत सरकार चल सकती है, जब तक कि अन्य सभी दल एकजुट होकर उसे गिराने की कोशिश न करें।
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विजय से बातचीत कर टीवीके के प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि यह जनादेश युवाओं की बढ़ती आवाज को दर्शाता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना भी की।
तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गिरिश चोडणकर ने कहा कि परिणाम अप्रत्याशित थे और पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि “लहर टीवीके के पक्ष में थी” और राज्य के युवाओं और महिलाओं ने बदलाव के लिए मतदान किया है।
भाषा मनीषा वैभव
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