विवेकानंद की शिक्षाएं राष्ट्र निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं: अरुणाचल प्रदेश के मंत्री
विवेकानंद की शिक्षाएं राष्ट्र निर्माण के लिए प्रासंगिक हैं: अरुणाचल प्रदेश के मंत्री
इटानगर, 12 जनवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मंत्री न्यातो दुकाम ने सोमवार को युवाओं में आत्मनिर्भरता, नवाचार और उद्यमिता को अपनाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं युवा मन को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने में अत्यंत प्रासंगिक बनी हुई हैं।
स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती के अवसर पर, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, एक सभा को संबोधित करते हुए दुकाम ने कहा कि उनकी शिक्षाएं कालातीत हैं और तीव्र सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के युग में भारत के युवाओं का मार्गदर्शन करती हैं।
दुकाम ने कहा कि विवेकानंद द्वारा चरित्र निर्माण, अनुशासन और आत्मविश्वास पर दिया गया जोर आज विशेष रूप से प्रासंगिक है, क्योंकि युवाओं से देश के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है।
मंत्री ने कहा, ‘एक सशक्त और जागरूक युवा पीढ़ी के प्रति उनका दृष्टिकोण एक मजबूत राष्ट्र की नींव के रूप में है।’
मंत्री ने युवाओं से विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का आग्रह किया, विशेष रूप से अपने राज्यों और समुदायों के भीतर।
दुकाम ने प्रतिभागियों को ‘स्वदेशी शपथ’ भी दिलाई, जिससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई।
यह कार्यक्रम भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) की राज्य इकाई द्वारा आयोजित किया गया था।
इस अवसर के उपलक्ष्य में, बीजेवाईएम ने युवाओं में देशभक्ति, शारीरिक तंदुरूस्ती और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए ‘रन फॉर स्वदेशी’ शीर्षक से एक मैराथन का आयोजन किया।
भाषा तान्या नरेश
नरेश

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