क्या विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री विदेशी मुद्रा संबंधी चिंताओं से अवगत नहीं थे:ओवैसी

क्या विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री विदेशी मुद्रा संबंधी चिंताओं से अवगत नहीं थे:ओवैसी

क्या विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री विदेशी मुद्रा संबंधी चिंताओं से अवगत नहीं थे:ओवैसी
Modified Date: May 12, 2026 / 07:21 pm IST
Published Date: May 12, 2026 7:21 pm IST

हैदराबाद, 12 मई (भाषा) ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री के मितव्ययिता से जुड़े आह्वान पर आपत्ति जताते हुए मंगलवार को सवाल किया कि नरेन्द्र मोदी और भाजपा ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान विदेशी मुद्रा बचाने की आवश्यकता पर चर्चा क्यों नहीं की?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मितव्ययिता उपायों का आह्वान करने का एक उद्देश्य डॉलर बचाना है ताकि सरकार अमेरिका से तेल खरीदने के लिए ‘ट्रंप को पैसे दे सके’।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री चुनाव के दौरान लोगों को यह बताए बिना वोट मांग रहे थे कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की कीमतें बढ़ाई जाएंगी? और अब वह इसे देशभक्ति के रूप में पेश करते हुए कह रहे हैं कि सच्चा देशभक्त वही है, जो इन सारी परेशानियों को सहन करे।”

उन्होंने दावा किया कि देश के लोगों को एक “बिल” मिलेगा जिसमें पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि होगी।

उन्होंने पूछा कि क्या हाल में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी को इन मुद्दों की जानकारी नहीं थी।

उन्होंने कहा, “(अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप कहते हैं कि ऊर्जा संकट से उबरने के लिए मुझसे खरीदारी करो, क्योंकि आपने व्यापार समझौता किया है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि सोना मत खरीदो, विदेश यात्रा से बचो, खाद्य तेल की खपत कम करो। वह यह सब क्यों कह रहे हैं? ताकि डॉलर बचाकर ह्यूस्टन में ट्रंप को दे सकें। असली मकसद यही है। अब आप तय कीजिए कि यह देशभक्ति है या नहीं।”

भाषा

राखी संतोष

संतोष


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