खूंटी (झारखंड), नौ जुलाई (भाषा) केरल के वायनाड में दो दिन पहले हुए भूस्खलन में मारे गए झारखंड के 25 वर्षीय श्रमिक का शव बृहस्पतिवार सुबह रांची लाया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
खूंटी के श्रम अधीक्षक वाल्टर कुजूर और मृतक के परिवार के सदस्यों ने रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर अनमोल डोडराई का शव प्राप्त किया।
कुजूर ने कहा कि केरल में भारी बारिश के कारण बुधवार को डोडराई का शव विमान से यहां नहीं लाया जा सका।
केरल के वायनाड में एक सुरंग मार्ग निर्माण स्थल पर भूस्खलन की घटना में मारे गए तीन लोगों में डोडराई भी शामिल थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम लगातार वायनाड जिला प्रशासन के संपर्क में थे। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद वे शव भेजने के लिए तैयार थे लेकिन बारिश के कारण विमान उड़ान नहीं भर सका। हमें बताया गया कि डोडराई का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को केरल से भेजा जाएगा।
उन्होंने बताया कि डोडराई के शव को तोरपा प्रखंड के अंतर्गत पाटपुर के जरिया गांव स्थित उनके पैतृक गांव भेजने की व्यवस्था कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि चूंकि डोडराई का प्रवासी मजदूरों के लिए बने विशेष पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ था इसलिए उन्हें झारखंड सरकार से 1.5 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए वायनाड के अधिकारियों के संपर्क में हैं। हम परिवार को झारखंड सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने की कोशिश करेंगे।’’
डोडराई के पार्थिव शरीर को लेने के लिए रांची हवाई अड्डा पहुंचीं उनकी चचेरी बहन प्रेमलता डोडराई ने शव को पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने न केवल शव को केरल से मंगवाया बल्कि उसे रांची से हमारे पैतृक गांव ले जाने के लिए एंबुलेंस का भी इंतजाम किया।’’
उन्होंने मृतक के परिवार के किसी सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘अनमोल परिवार में कमाने वाला अकेला व्यक्ति था। उसकी दो बहनें और एक भाई है। मेरी बहन और भाई दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। माता-पिता बूढ़े हैं और काम नहीं कर सकते। हम चाहते हैं कि सरकार परिवार के किसी सदस्य के लिए नौकरी की व्यवस्था करे।’’
उन्होंने बताया कि अनमोल का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को उनके गांव में किया जाएगा।
भाषा सुरभि रंजन
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