हम भारतीय हैं, हमें चीनी न पुकारें : अरुणाचल की लड़की ने नस्ली टिप्पणी पर कहा
हम भारतीय हैं, हमें चीनी न पुकारें : अरुणाचल की लड़की ने नस्ली टिप्पणी पर कहा
ईटानगर, 20 अगस्त (भाषा) अरुणाचल प्रदेश की एक युवा लड़की का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिसमें वह देश के अन्य हिस्सों के लोगों से उसे और पूर्वोत्तर के अन्य लोगों को ‘चीनी’ न कहने की अपील करती दिख रही है।
इस वीडियो ने एक बार फिर उस नस्लीय भेदभाव और गलत धारणाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जिनका सामना इस क्षेत्र के लोगों को करना पड़ता है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित 56 सेकेंड के वीडियो क्लिप में लड़की ने बताया कि किसी ने उससे पूछा कि क्या वह चीनी है, जिससे उसे बहुत दुख हुआ।
लड़की ने शारीरिक बनावट की वजह से किसी व्यक्ति की पहचान पर सवाल उठाए जाने पर दुख जताते हुए कहा, ‘‘जब लोग हमें चीनी कहते हैं तो मुझे बहुत दुख और गुस्सा आता है। हम भारतीय हैं, हमें चीनी न कहें।’’
लड़की ने हाथ जोड़कर अपील की, ‘‘हम भारत में रहते हैं, हम ईटानगर में रहते हैं। कृपया ऐसी बातें न कहें।’’
कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस लड़की का समर्थन किया है और उसके संदेश को साझा कर रहे हैं।
कई लोगों का कहना था कि उनकी बातों से पूर्वोत्तर के उन लोगों के अनुभव झलकते हैं, जिन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में कई बार असंवेदनशील टिप्पणियों और नस्लीय भेदभाव वाली बातों का सामना करना पड़ा है।
एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर टिप्पणी की, ‘‘इस छोटी बच्ची के लिए दिल से सम्मान। उसके सीधे-सादे लेकिन असरदार शब्द -‘हम भी इंडिया हैं… हमें चाइनीज़ मत बोलो’ – सीधे दिल को छू जाते हैं और हमें याद दिलाते हैं कि असली भारतीय पहचान का क्या अभिप्राय है। किसी भी बच्चे को अपने ही देश में अपनी पहचान के लिए गुहार नहीं लगानी पड़नी चाहिए।’’
उपयोगकर्ता ने कहा कि जो लोग उत्तर-पूर्वी भारतीयों को यूं ही ‘चीनी’ कह देते हैं या उनके रूप-रंग के आधार पर उन्हें बाहरी समझते हैं, वे ही इस दुखद स्थिति को पैदा कर रहे हैं और उन्हें ऐसा करना बंद करना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता है।
एक अन्य उपयोगकर्ता ने कहा, ‘‘हम पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) के लोगों को भारतीय पहचान अपनाने के लिए मनाने में बहुत ऊर्जा लगाते हैं… जबकि पूर्वोत्तर के अपने ही नागरिकों को, जो इस देश से प्यार करते हैं और इस पर गर्व करते हैं उन्हें ‘चीनी’ कहकर अक्सर खुद से दूर कर देते हैं।’’
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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