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नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों की प्रगति न केवल आर्थिक या औद्योगिक आवश्यकता है, बल्कि यह ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी आवश्यक’’ है। उन्होंने इन प्रतिष्ठानों से समय पर चीजें उपलब्ध कराने, आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक मानकों के बराबर गुणवत्ता हासिल करने की कोशिशों पर ध्यान देने को कहा।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू) की ओर से अनुसंधान और विकास में बढ़ाए गए निवेश का भी स्वागत किया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अनुसंधान और विकास की सफलता को केवल खर्च की गई रकम से नहीं, बल्कि नयी प्रौद्योगिकी, बौद्धिक संपदा, प्रोटोटाइप और संचालन उत्पाद के विकास से मापा जाना चाहिए।
सिंह ने कहा, ‘‘हमें प्रौद्योगिकी के ऐसे खास क्षेत्रों की पहचान करनी होगी जिनमें भारत न केवल आत्मनिर्भर बन सके, बल्कि वैश्विक प्रणेता भी बन सके।’’
रक्षा मंत्री ने यहां 16 डीपीएसयू के वार्षिक कामकाज की समीक्षा के दौरान यह बात कही।
बैठक के दौरान, सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और डीपीएसयू के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशकों ने संबंधित उपक्रमों के कामकाज, मुख्य उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
भाषा नेत्रपाल माधव
माधव