बंगाल: मुख्यमंत्री ने की फुटपाथ से हटाई गई महिला से मुलाकात, रहने की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया
बंगाल: मुख्यमंत्री ने की फुटपाथ से हटाई गई महिला से मुलाकात, रहने की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया
कोलकाता, 25 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को उस महिला से मुलाकात की, जिसे यहां फुटपाथ पर अपने बच्चे के लिए चूल्हे पर दूध गर्म करने को लेकर एक मंत्री ने डांट लगाई थी।
अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार महिला के लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करेगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और वाम मोर्चे पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने महिलाओं के लिए बहुत कम काम किया, जिसके कारण उन्हें फुटपाथ पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अधिकारी के जन शिकायत सुनवाई कार्यक्रम ‘जनता दरबार’ में महिला से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यह आरोप भी लगाया कि टीएमसी ने भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए महिला को पैसे देने की पेशकश की थी।
शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह मध्य कोलकाता के पॉश इलाके पार्क स्ट्रीट में फुटपाथ पर चूल्हे पर अपने बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही एक महिला को डांटती हुई दिखाई दे रही हैं।
पॉल पिछले सप्ताह निरीक्षण के लिए वहां गई थीं। उन्होंने महिला से चूल्हा बुझाने और फुटपाथ से हटने को कहा था।
अधिकारी ने कहा, “महिला से बात करने के बाद मुझे लगता है कि इन दोनों पार्टियों (वाम मोर्चा या टीएमसी) में से किसी ने भी उसे फुटपाथ से हटाकर कहीं और बसाने की पेशकश नहीं की और उसे वहीं रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। मैंने उससे कहा कि हम उसके लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं और वह अपने परिवार व बच्चे के साथ वहां जा सकेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला ने किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की और उसे भाजपा पर भरोसा है।
टीएमसी प्रमुख ने कहा था कि अगर परिवार तैयार होता है, तो वह उन्हें अपनी पार्टी के किसी कार्यकर्ता के घर में रहने की जगह दिलाएंगी, उन्हें खाना उपलब्ध कराएंगी और बच्चे की आगे की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेंगी।
टीएमसी विधायक कुणाल घोष भी महिला से मिलने गए थे और अपनी पार्टी की ओर से मदद की पेशकश की थी।
प्रसिद्ध बांग्ला कवि सृजतो पर निशाना साधते हुए अधिकारी ने कहा, “एक कवि अचानक उसकी परेशानी को लेकर जाग गए हैं और जोशीली कविताएं लिख रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि इतने वर्षों में उन्होंने इन सभी लोगों के लिए क्या किया या किसी और से पूछूं?”
सृजतो की कविता भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
पॉल ने सोमवार को सफाई दी थी कि उन्होंने महिला को निर्देश इसलिए दिया था, क्योंकि व्यस्त सड़क के किनारे चूल्हा जलाने से खतरा हो सकता था।
मंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि किसी बच्चे को दूध से वंचित नहीं किया गया था और उन्होंने महिला से केवल “वहां से हट जाने” के लिए कहा था।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि महिला से बात करने की उनकी भाषा और तरीका अधिक नरम व संवेदनशील होना चाहिए था।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप

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