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नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सहायता के लिए न्यायिक अधिकारियों की तैनाती के उच्चतम न्यायालय के आदेश को शनिवार को ‘अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश’ बताया और कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को अब इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करना होगा।
रीजीजू ने कहा कि इस मामले में न्यायालय के निर्देश ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को भी ‘पूरी तरह से बेनकाब’ कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल मतदाता सूची में अवैध घुसपैठियों को शामिल करके आगामी राज्य विधानसभा चुनाव जीतना चाहती है।
पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच जारी गतिरोध पर नाखुशी जताते हुए उच्चतम न्यायालय ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया में आयोग की सहायता के लिए सेवारत और पूर्व जिला न्यायाधीशों को तैनात करने का ‘‘असाधारण’’ निर्देश दिया।
निर्वाचन आयोग और ‘‘लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई’’ तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण आरोप-प्रत्यारोप’’ और ‘‘विश्वास की कमी’’ पर अफसोस जताते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कई नये निर्देश जारी किये।
अदालत के आदेश के बारे में पूछे जाने पर, रीजीजू ने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय का निर्देश लोकतंत्र के लिए बहुत आवश्यक और महत्वपूर्ण था। कांग्रेस और तृणमल कांग्रेस को अब लोकतंत्र के लिए एसआईआर को पूरा सहयोग देना होगा।’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘यह पश्चिम बंगाल और देश के लिए बहुत अच्छी खबर है। न्यायालय ने बहुत सख्त निर्देश दिए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और राज्य के सभी विभागों को उच्चतम न्यायालय के फैसले का पालन करना होगा।’
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस एसआईआर का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि वह अगले कुछ महीनों में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में धांधली करना चाहती है। रीजीजू ने कहा, ‘वह मतदाता सूची में अवैध घुसपैठियों के नाम जोड़कर चुनाव जीतना चाहती है। तृणमूल सरकार अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।’
भाषा आशीष दिलीप
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