पश्चिम बंगाल में 11 निरुद्ध केंद्र तैयार, 335 संदिग्ध अवैध प्रवासी हिरासत में
पश्चिम बंगाल में 11 निरुद्ध केंद्र तैयार, 335 संदिग्ध अवैध प्रवासी हिरासत में
कोलकाता, 29 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी ‘डिटेक्ट (पहचानो), डिलीट (हटाओ) और डिपोर्ट (निर्वासित करो)’ नीति के तहत अब तक 11 निरुद्ध केंद्र तैयार किए हैं जिनमें 335 अवैध प्रवासियों को रखा गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
बांग्लादेश की सीमा से सटे उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट में सबसे ज्यादा अवैध प्रवासी हैं, जिनके बांग्लादेशी या रोहिंग्या होने का संदेह है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अब तक 11 निरुद्ध केंद्र तैयार किए गए हैं। इनमें से कुछ पुलिस जिलों के तहत संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ जिला स्तर पर संचालित हो रहे हैं।’’
इनमें से आठ केंद्र बारुईपुर, सुंदरबन, बशीरहाट, बनगांव, बारासात, मुर्शिदाबाद, जंगीपुर और कृष्णानगर पुलिस जिलों में हैं, जबकि तीन केंद्र मालदा, कूचबिहार और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में हैं।
एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘‘फिलहाल राज्यभर के इन केंद्रो में कुल 335 लोग निरुद्ध हैं जिनमें 148 पुरुष, 99 महिलाएं और 88 बच्चे हैं।’’
राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की विदेशी शाखा द्वारा 23 मई को जारी एक आदेश में जिलाधिकारियों से कहा गया कि वे ‘‘पकड़े गए विदेशियों’’ और ‘‘रिहा किए गए विदेशी कैदियों’’ को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक निरुद्ध करने के लिए ढांचा तैयार करें।
हालांकि, इसे केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप एक प्रक्रियागत कदम के रूप में पेश किया गया है, लेकिन यह निर्देश मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उस घोषणा के बाद आया जिसमें घुसपैठ के खिलाफ एक सख्त रूप रेखा लागू करने की बात कही गई।
उन्होंने ऐलान किया था कि उनकी सरकार ने ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति अपनाई है।
भाषा
खारी संतोष
संतोष

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