हमने कुछ शरारती देशों के बारे में सुना है; उनमें से एक हमारे पड़ोस में है: कोविंद

हमने कुछ शरारती देशों के बारे में सुना है; उनमें से एक हमारे पड़ोस में है: कोविंद

हमने कुछ शरारती देशों के बारे में सुना है; उनमें से एक हमारे पड़ोस में है: कोविंद
Modified Date: January 19, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: January 19, 2026 9:55 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को परोक्ष रूप से पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए कहा कि कुछ ‘‘शरारती देश’’ हैं, जिनमें से एक भारत का पड़ोसी है और यदि कोई देश भटक जाता है तो वह मानवता और अपने ही लोगों के लिए हानिकारक हो जाता है।

जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक (रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स) की शुरूआत के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि प्रत्येक देश को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्या ऐसी स्थिति में बहुपक्षीय मंच भी निष्प्रभावी हो जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ शरारती देशों के बारे में भी सुना है। दुनिया में ऐसे कई देश हैं।’’

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कोविंद ने कहा, ‘‘हमें और आगे जाने की ज़रूरत नहीं है। हमारे पड़ोस में ही ऐसा एक देश है।’’

उनका इशारा स्पष्ट रूप से पाकिस्तान की ओर था। हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया।

कोविंद ने कहा कि अंततः कोई भी देश अपने लोगों से ही बनता है, लेकिन अगर कोई देश भटक जाए तथा मानवता और अपने ही लोगों के विकास के लिए हानिकारक तरीके से काम करे, तो ‘‘क्या किया जाना चाहिए?’’

कोविंद ने कहा, ‘‘इस स्थिति में, जब बहुपक्षीय मंच भी निष्प्रभावी होता जा रहा है, तो मुझे लगता है कि हर देश को आंतरिक रूप से सोचना चाहिए। और हमें जिम्मेदार राष्ट्र सूचकांक के अनुसार अपने व्यवहार को लागू करने का प्रयास करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि यह सूचकांक एक अभिनव विचार है जो एक जिम्मेदार राष्ट्र को परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि यह सूचकांक दर्शाता है कि कोई भी राष्ट्र अपने नागरिकों और मानवता के प्रति समान रूप से जिम्मेदार है।

कोविंद ने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि कोई राष्ट्र आर्थिक रूप से समृद्ध होने के साथ-साथ गैर-जिम्मेदार भी हो सकता है…।’’

उन्होंने कहा कि यही कारण है कि मानव विकास सूचकांक को किसी भी राष्ट्र के विकास के सच्चे मानक के रूप में विकसित किया गया।

उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा, ‘‘इस सूचकांक में स्वास्थ्य और शिक्षा को अभिन्न अंग के रूप में शामिल किया गया है।’’

समय के साथ, आम लोगों के बीच खुशी को मापने के लिए खुशहाली सूचकांक बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पड़ोसी देशों, भूटान और कुछ नॉर्डिक देशों में, खुशहाली सूचकांक मानव विकास सूचकांक का हमेशा से एक अभिन्न अंग रहा है।’’

नॉर्डिक देशों में फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, डेनमार्क और आइसलैंड शामिल हैं।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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