भाजपा के सत्ता में रहने पर जम्मू-कश्मीर में जो हुआ, वैसा अन्य राज्यों में भी हो सकता है: फारूक

भाजपा के सत्ता में रहने पर जम्मू-कश्मीर में जो हुआ, वैसा अन्य राज्यों में भी हो सकता है: फारूक

भाजपा के सत्ता में रहने पर जम्मू-कश्मीर में जो हुआ, वैसा अन्य राज्यों में भी हो सकता है: फारूक
Modified Date: August 4, 2026 / 10:52 pm IST
Published Date: August 4, 2026 10:52 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और उसे केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के व्यापक प्रभाव हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में बनी रहती है तो इस तरह के कदमों को अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है।

फारूक अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी एमडीएमके नेता वाइको की पुस्तक ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ के विमोचन के मौके पर की।

इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी नेता मौजूद थे।

यह बयान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के सात साल पूरे होने से एक दिन पहले आया है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुए घटनाक्रम का भारत के संघीय ढांचे पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर को देखिए… एक राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया, जो मौलिक कानूनों के पूरी तरह खिलाफ है। और अगर वे सत्ता में बने रहे तो वे ऐसा अन्य राज्यों के साथ भी करेंगे, यह तय मानिए।’’

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता तभी कायम रह सकती है, जब राज्य एकजुट होकर खड़े रहें।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने राज्य का दर्जा बहाल करने की अपनी मांग भी दोहराई।

उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की व्यवस्था ने निर्वाचित सरकार को ‘‘लगभग सभी अधिकारों से वंचित’’ कर दिया है, जबकि वास्तविक अधिकार केंद्र के पास हैं।

भाषा जितेंद्र देवेंद्र

देवेंद्र


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