आपत्तिजनक पोस्ट कर एडमिन ने छोड़ा वाट्सएप ग्रुप, डिफॉल्ट एडमिन बना युवक 5 महीने से जेल में
आपत्तिजनक पोस्ट कर एडमिन ने छोड़ा वाट्सएप ग्रुप, डिफॉल्ट एडमिन बना युवक 5 महीने से जेल में
भोपाल। आप किसी वाट्सएप ग्रुप में सिर्फ सदस्य हों, एडमिन कोई और हो लेकिन एडमिन के अचानक ग्रुप लेफ्ट कर जाने से आप डिफॉल्ट एडमिन बन जाएं तो यह आप पर बहुत भारी भी पड़ सकता है। ऐसा हुआ है मप्र के राजगढ़ जिले के 21 वर्षीय युवक के साथ। किसी और के फॉरवर्ड किए हुए मैसेज के कारण ये युवक पिछले 5 महीने से देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पुलिस जांच के वक्त ये युवक उस वाट्सएप ग्रुप का डिफॉल्ट एडमिन बन चुका था।
आरोपी युवक का नाम जुनैद है। उसक परिजनों का कहना है कि आपत्तिजनक मैसेज फॉरवर्ड करने के बाद ग्रुप के वास्तविक एडमिन ने ग्रुप छोड़ दिया, पुलिस कारवाई के वक्त जुनैद डिफॉल्ट एडमिन बन गया। इसके चलते उसके खिलाफ केस दर्ज हो गया।
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आरोपी जुनैद राजगढ़ के तालेन कस्बे के निवासी है। वह बीएससी का छात्र है। जुनैद को 14 फरवरी को गिरफ्तार कर उसके पर आईटी एक्ट और देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। वह एक वॉट्सऐप ग्रुप का सदस्य था, जिसके ऐडमिन इमरान ने आपत्तिजनक मेसेज फॉरवर्ड किया था। स्थानीय लोगों ने इरफान तथा ‘ग्रुप ऐडमिन‘ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के वक्त जुनैद ही वॉट्सऐप ग्रुप का ऐडमिन था। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई।
जुनैद के भाई फारुख के मुताबिक, ‘आपत्तिजनक पोस्ट के शेयर किए जाने के समय एडमिन जुनैद नहीं था। देशद्रोह का केस होने के कारण कोर्ट ने भी जुनैद को जमानत नही दी। इसी वजह से वह परीक्षा भी नहीं दे सका। हमने सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ ही सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हमारी एक नहीं सुनी गई’। इधर राजगढ़ के एसपी सिमाला प्रसाद और मामले की जांच कर रहे युवराज सिंह चौहान का कहना है कि, ‘जुनैद के परिजनों ने पहले नहीं बताया कि वह डिफॉल्ट ऐडमिन था। अब कोर्ट में चालान पेश होने के बाद वे यह बता रहे हैं। जुनैद के परिजनों के पास अगर इस दावे का सबूत है तो पेश करें’।
वेब डेस्क, IBC24

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