राम मंदिर मामले पर प्रधानमंत्री खामोश क्यों: कांग्रेस

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राम मंदिर मामले पर प्रधानमंत्री खामोश क्यों: कांग्रेस

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  • Publish Date - June 27, 2026 / 01:49 PM IST,
    Updated On - June 27, 2026 / 01:49 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर शनिवार को कहा कि इस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब तक खामोश क्यों हैं।

पार्टी प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने के साथ उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो और जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आगे बढ़कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए ताकि लोगों की आस्था बनी रहे।

सिंह का कहना था, ‘राम मंदिर के ट्रस्ट ने वित्तीय जांच-पड़ताल के लिए एजेंसियों को नियुक्त किया था। उन एजेंसियों ने कई सुझाव दिए, लेकिन ट्रस्ट के लोगों ने उन सुझावों को नजरअंदाज कर दिया। जब चोरी की घटनाओं का खुलासा होने लगा। मंदिर के कैश काउंटिंग एजेंट महिपाल सिंह ने कई बातें सार्वजनिक कीं तो उन्हें पद से हटा दिया गया।’

उन्होंने दावा किया कि जब और खुलासे होने लगे, तो सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए और कैमरों की रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई।

सिंह ने कहा, ‘इस मामले में एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई, लेकिन इसमें सिर्फ छोटे कर्मचारियों का नाम ही शामिल था।’

उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि इतने बड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी खामोश क्यों हैं?

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘राम मंदिर ट्रस्ट से लोगों का ‘ट्रस्ट’ खत्म हो गया है, इसलिए इस ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए। इस पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए।

उन्होंने यह मांग भी की कि ट्रस्ट में जो जिम्मेदार लोग हैं और जिन पर गंभीर आरोप हैं, उनकी तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।

भाषा हक रंजन

रंजन