शिअद को भाजपा के साथ गठबंधन के लिए इतनी बेताबी क्यों है: वडिंग
शिअद को भाजपा के साथ गठबंधन के लिए इतनी बेताबी क्यों है: वडिंग
चंडीगढ़, नौ अगस्त (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को सवाल किया कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन को लेकर इतने “बेचैन” क्यों हैं कि उन्हें विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी “यू-टर्न” लेना पड़ा।
यह टिप्पणी शिअद द्वारा एक दिन पहले की गई उस मांग के बाद आई कि संसद महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक को पारित करे, जिसमें राज्यों के लिए सीटों की संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान हो,ताकि इन्हें बिना किसी और देरी के लागू किया जा सके।
बादल के नेतृत्व वाली पार्टी ने परिसीमन के मुद्दे पर अपने बदले हुए रुख की उस समय घोषणा की, जब पार्टी के अध्यक्ष बादल की शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में भाजपा के साथ फिर से सुलह की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
वडिंग ने कहा कि अप्रैल में शिअद ने परिसीमन विधेयक का जोरदार विरोध किया था और इसे “पंजाब के हितों के खिलाफ” बताया था। उन्होंने सवाल किया, ‘‘तो इन तीन महीनों में ऐसा क्या बदल गया कि अब आपको उसी विधेयक में अच्छाई नजर आने लगी, जिसे आप पहले पंजाब के हितों के खिलाफ मानते थे?”
लुधियाना के सांसद ने एक बयान में कहा कि इसके कारण स्पष्ट हैं कि अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए “बेकरार” बादल भाजपा को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वह राज्य में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी गठबंधन के लिए तैयार हो जाए।
उन्होंने कहा कि जब अकाली लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ गठबंधन करने में विफल रहे थे, तब सुखबीर बादल ने दावा किया था कि वह पंजाब के हितों से कोई समझौता नहीं करना चाहते।
उन्होंने बादल को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अब जब आप अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए बेताब हैं, तो आपने पंजाब के उन हितों को पूरी तरह भुला दिया है, जिनके लिए आपने 2024 में खड़े होने का दावा किया था।” उन्होंने कहा कि बादल की ‘‘राजनीतिक अवसरवादिता एक बार फिर उजागर हो गई है’’।
वडिंग ने दावा किया कि अगर अकाली और भाजपा चुनाव के लिए एक साथ भी आ जाएं, तब भी उनके जीतने की कोई संभावना नहीं है।
उन्होंने दावा किया, ‘‘पंजाब की जनता न तो बेअदबी की घटनाओं को भूली है और न ही किसानों पर हुए अत्याचारों को। इन दोनों मामलों के लिए क्रमशः ये दोनों पार्टियां जिम्मेदार हैं।’’
भाषा देवेंद्र अमित
अमित

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