नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) भारतीय तटरक्षक ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह ‘अल्पकालिक सेवा के तहत नियुक्त’ (एसएसए) अधिकारी प्रियंका त्यागी और इसी तरह की स्थिति वाली दूसरी महिला अधिकारियों की सतर्कता मंजूरी रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें स्थायी कमीशन देने पर विचार करेगा।
स्थायी कमीशन (पीसी) का मतलब सशस्त्र बलों में सेवानिवृत्ति तक कॅरियर से है, जबकि अल्पकालिक सेवा आयोग (एसएससी) में 10 से 14 साल का निर्धारित कार्यकाल होता है।
उच्चतम न्यायालय ने पहले अलग-अलग फैसलों में सेना, वायु सेना और नौसेना में महिला एसएससी अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने की इजाजत दी थी। शीर्ष अदालत ने 19 अगस्त को एक महिला अधिकारी को स्थायी कमीशन न देने पर भातरीय तटरक्षक (आईसीजी) से कड़ी नाराजगी जताई थी और कहा था, ‘‘हम महिला अधिकारियों का अपमान नहीं होने देंगे।’’
आईसीजी और केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि त्यागी और स्थायी कमीशन की इच्छा रखने वाली दूसरी महिला अधिकारियों की योग्यता की जांच करने के बाद सेना उन्हें ऐसा करने (स्थायी कमीशन देने) पर विचार करेगी।
शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा कि चयन समिति के इस मामले पर आगे बढ़ने से पहले, आईसीजी को संबंधित महिला अधिकारियों की सतर्कता रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
पीठ ने अटॉर्नी जनरल की बातों पर ध्यान दिया और आईसीजी से कहा कि वह सतर्कता रिपोर्ट मिलने के बाद दो हफ्ते के अंदर त्यागी और दूसरी महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के बारे में फैसला करे।
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वैभव सुरेश
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