you really have to pay for Whatsapp calling, Know the full truth of the news

क्या सच में Whatsapp कॉलिंग के लिए देना होगा चार्ज?, जानें खबर की पूरी सच्चाई, दूरसंचार मंत्री ने कहा कि…

केंद्र सरकार जल्द ही टेलीकॉम की योजना में बदलाव करने जा रहा है। जिसमें बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, गूगल डुओ और टेलीग्राम जैसे कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप्स के लिए चार्ज देना होगा।

Edited By: , September 23, 2022 / 01:55 PM IST

Will have to pay for Whatsapp calling : नई दिल्ली – केंद्र सरकार जल्द ही टेलीकॉम की योजना में बदलाव करने जा रहा है। जिसमें बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, गूगल डुओ और टेलीग्राम जैसे कॉलिंग और मैसेजिंग ऐप्स के लिए चार्ज देना होगा। दरअसल, बताया जा रहा है कि ओवर द टॉप यानी ऐसी सेवाएं जो इंटरनेट की मदद से काम करती हैं दूरसंचार कानूनों के दायरे में आ जाएंगी। वही जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट टेलीकम्युनिकेशन बिल 2022 में कई ऐसे प्रस्ताव पेश किए हैं। जिसका असर मोबाइल और इंटरनेट उपभोक्ताओ पर पड़ेगा। हालांकि इस सेवाओं को देने के लिए कंपनी को लाइसेंस की फीस जमा करानी होगी जिसके बाद ही ये सर्विस एक्टिव हो सकेगी। हालांकि इसके अलावा यदि अगर कंपनी इस लाइसेंस को सरेंडर करती हैं, तो उनको फीस वापिस कर दी जाएगी। >>*IBC24 News Channel के WHATSAPP  ग्रुप से जुड़ने के लिए  यहां CLICK करें*<<

Will have to pay for Whatsapp calling : इस योजना को लेकर दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ‘नया टेलीकॉम बिल से, इंडस्ट्री के पुनर्गठन और नई तकनीक को अपनाने का रोडमैप तैयार होगी. बताया जा रहा है कि सरकार ने इस ड्राफ्ट पर 20 अक्टूबर तक इंडस्ट्री और लोगों से सुझाव मांगे हैं।
Will have to pay for Whatsapp calling : इस योजना में फेसबुक, व्हाट्सएप, गूगल डुओ, गूगल मीट, टेलीग्राम और जूम जैसी सेवाएं इसके दायरे में आएंगी. इसके अलावा ब्रॉडकास्टिंग सेवा, ईमेल, वॉयस, वीडियो और डाटा कम्युनिकेशन सेवाएं, वॉयस मेल, फिक्सड और मोबाइल सेवाएं, इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं, ऑडियोटेक्स सेवाएं, वीडियोटेक्स सेवाएं, सेटेलाइट आधारित कम्युनिकेशन सेवाएं, वॉकी-टॉकी, मशीन टू मशीन सेवाएं, इंटरनेट पर आधारित कम्युनिकेशन सेवाएं आएंगी।